स्पेस-X के स्टारशिप का मिशन समय से पहले हुआ खत्म, जानिए क्या रही वजह
क्या है खबर?
स्पेस-X का स्टारशिप रॉकेट सोमवार (28 सितंबर) को पहली बार पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचा और नए स्टारलिंक सैटेलाइट्स को तैनात किया। इंजन फेल होने और मिशन को छोटा करने के फैसले के बावजूद अपनी 14वीं परीक्षण उड़ान में इसने कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं। बिना क्रू वाले इस मिशन को 10 घंटे तक चलना था, लेकिन एक इंजन के समय से पहले बंद हो जाने के कारण इसे घटाकर 3 घंटे का कर दिया गया।
गड़बड़ी
दूसरे इंजन चालू कर आर्बिट तक पहुंचा स्टारशिप
अंतरिक्ष में पहुंचने पर स्टारशिप के 3 मुख्य इंजनों में से एक समय से पहले ही बंद हो गया। इस घटना के बाद स्पेस-X के प्रवक्ता डैन ह्यूओट ने घोषणा की कि यह क्राफ्ट ऑर्बिट तक नहीं पहुंच पाएगा।
हालांकि, कुछ ही मिनटों बाद इंजीनियर्स ने बताया कि स्पेसक्राफ्ट अभी भी अपने दूसरे इंजन चालू करने की कोशिश कर सकता है, जो उसे ऑर्बिट में पहुंचा सकते हैं।
स्टारशिप ने कुछ ही मिनटों बाद ऐसा सफलतापूर्वक कर दिखाया।
कामयाबी
26 स्टारलिंक सैटेलाइट सफलतापूर्वक तैनात
ऑर्बिट में पहुंचने के बाद स्टारशिप ने लगभग 269 किलोमीटर की ऊंचाई पर अगली पीढ़ी के 26 स्टारलिंक सैटेलाइट तैनात किए।
कंपनी प्रमुख एलन मस्क ने एक्स पर लिखा, "सभी 26 स्टारलिंक V3 ऑपरेशनल सैटेलाइट तैनात कर दिए गए हैं और सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।"
यह साफ नहीं है कि इंजन फेल होने की घटना स्पेस-X के उस लक्ष्य के लिए कितनी बड़ी रुकावट बनेगी, जिसके तहत इस रॉकेट को नियमित सर्विस में लाया जाना है।