स्पेस-X के स्टारशिप रॉकेट ने पृथ्वी की कक्षा की तरफ भरी उड़ान
क्या है खबर?
अरबपति एलन मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेस-X ने सोमवार (28 सितंबर) को अपना सबसे ताकतवर स्टारशिप रॉकेट पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। 400 फीट ऊंचे इस रॉकेट ने भारतीय समयानुसार शाम करीब 6:20 बजे कंपनी के टेक्सास लॉन्च साइट से उड़ान भरी। यह स्टारशिप की 14वीं टेस्ट उड़ान है और असली, कमाई करने वाले कार्गो के साथ ऑर्बिट तक पहुंचने की इसकी पहली कोशिश है।इससे पहले 13 उड़ानें पृथ्वी की कक्षा से नीचे रही हैं।
जोखिम
लैडिंग की रणनीति बदली
इस उड़ान के लिए स्पेस-X ने बूस्टर और ऊपरी चरण क्रमशः मैक्सिको की खाड़ी और प्रशांत महासागर में उतरने की योजना बनाई।
यह रणनीति पिछली मिशनों की तुलना में विफलता की अधिक संभावनाएं पैदा करती है।
रॉकेट को स्थिर कक्षा में प्रवेश करना होगा, उपग्रहों को तैनात करना होगा, लगभग 10 घंटे तक सिस्टम को चालू रखना होगा।
कक्षा से बाहर निकलने के लिए एक इंजन को फिर से चालू करना होगा और नियंत्रित पुनःप्रवेश को सफलतापूर्वक पूरा करना होगा।
ट्विटर पोस्ट
सब-ऑर्बिटल रास्ते पर सफतापूर्वक पहुंचा स्टारशिप
Starship’s ascent burn is complete. Starship is now on a passively safe suborbital trajectory as teams check systems to confirm we are good to proceed to orbit today pic.twitter.com/Q5OJnmAD59
— SpaceX (@SpaceX) September 28, 2026
उपलब्धि
यह उड़ान मस्क के लिए काफी अहम
ऑर्बिट तक पहुंचना और स्टारलिंक सैटेलाइट्स को तैनात करना मस्क के स्टारशिप विजन में एक बड़ी उपलब्धि है।
अरबपति ने कहा है कि यह व्हीकल एक साल के अंदर हर दिन एक बार लॉन्च किया जा सकता है।
ऐसा इसलिए है क्योंकि स्टारशिप पर बड़े V3 सैटेलाइट्स लॉन्च करने से स्पेस-X को अपने स्टारलिंक कॉन्स्टेलेशन को काफी हद तक बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसकी क्षमता फाल्कन 9 से कहीं ज्यादा है।
लागत
स्टारशिप से लागत में आएगी कमी
स्पेस-X के अधिकारियों का अनुमान है कि पूरी तरह से दोबारा इस्तेमाल होने वाला स्टारशिप, फाल्कन 9 की तुलना में कार्गो लॉन्च की लागत को 10 गुना तक कम कर सकता है।
यह लागत-दक्षता कंपनी की उन योजनाओं के लिए बहुत जरूरी है, जिनके तहत वह मुनाफा कमाते हुए बड़े पैमाने पर सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन (उपग्रहों का समूह) बनाना और उनकी सर्विसिंग करना चाहती है।
कंपनी ने स्टारशिप को अपनी उस लंबी अवधि की रणनीति का भी अहम हिस्सा बनाया है।