अमेरिका के गोल्डन डोम प्रोजेक्ट के लिए स्पेस-X को मिला करीब 400 अरब रुपये का कॉन्ट्रैक्ट
क्या है खबर?
एलन मस्क की कंपनी स्पेस-X को अमेरिका के बड़े रक्षा प्रोजेक्ट 'गोल्डन डोम' के तहत नया कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी विदेशी एयरक्राफ्ट और मिसाइलों पर नजर रखने के लिए सैटेलाइट तैयार करेगी। इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल कीमत 4.16 अरब डॉलर (करीब 400 अरब रुपये) से ज्यादा है। अमेरिकी स्पेस फोर्स के मुताबिक, यह सिस्टम अंतरिक्ष से संभावित खतरों को पहचानने और समय रहते अलर्ट देने में मदद करेगा। इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की तैयारी है।
निगरानी
अंतरिक्ष से होगी खतरों की निगरानी
नई स्पेस-बेस्ड ट्रैकिंग व्यवस्था में सेंसर, कम्युनिकेशन सिस्टम और AI तकनीक को जोड़ा जाएगा। इसके जरिए अंतरिक्ष से हवा में मौजूद खतरों पर लगातार नजर रखी जाएगी। अभी अमेरिका जमीन पर लगे सेंसर और सैन्य विमानों की मदद से निगरानी करता है। नई तकनीक से ऐसे हिस्सों पर भी नजर रखी जा सकेगी, जहां पहले निगरानी मुश्किल थी। अधिकारियों का कहना है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था और तेज व मजबूत बनेगी।
काम
पेंटागन के साथ बढ़ रहा स्पेस-X का काम
यह कॉन्ट्रैक्ट पेंटागन और स्पेस-X के बीच मजबूत होते रिश्तों को भी दिखाता है। कंपनी पहले से स्टारशील्ड नेटवर्क और फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए अमेरिकी रक्षा मिशन में काम कर रही है। गोल्डन डोम प्रोजेक्ट का मकसद जमीन से लेकर अंतरिक्ष तक सुरक्षा की कई परतें तैयार करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेस-X इस योजना के दूसरे हिस्सों में भी शामिल है और कई टेक कंपनियों के साथ मिलकर सिस्टम तैयार कर रही है।
क्षमता
2028 तक शुरू हो सकती है नई क्षमता
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि गोल्डन डोम प्रोजेक्ट का पहला चरण 2028 तक काम करना शुरू कर सकता है। इसकी अनुमानित लागत 185 अरब डॉलर (करीब 400 अरब रुपये) तक पहुंच सकती है। स्पेस फोर्स ने कहा कि आगे भी इस प्रोजेक्ट के लिए दूसरी कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट दिए जाएंगे। वहीं स्पेस-X आने वाले समय में शेयर बाजार में उतरने की तैयारी भी कर रही है। ऐसे में कंपनी के लिए यह सौदा काफी अहम माना जा रहा है।