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चंद्रमा से टकराया स्पेस-X के फाल्कन 9 रॉकेट का हिस्सा, नासा करेगी घटना का अध्ययन
चंद्रमा से टकराया स्पेस-X के फाल्कन 9 रॉकेट का हिस्सा

चंद्रमा से टकराया स्पेस-X के फाल्कन 9 रॉकेट का हिस्सा, नासा करेगी घटना का अध्ययन

Aug 05, 2026
02:42 pm

क्या है खबर?

स्पेस-X के फाल्कन 9 रॉकेट का ऊपरी हिस्सा आज (5 अगस्त) चंद्रमा पर आइंस्टीन और बेल क्रेटर के पास टकरा गया है। नासा ने पहले ही स्पष्ट किया था कि इस घटना से पृथ्वी को किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। अब वैज्ञानिक इस टक्कर से मिले आंकड़ों का विश्लेषण करेंगे, ताकि चंद्रमा के बारे में नई जानकारी हासिल की जा सके और अंतरिक्ष में वस्तुओं की निगरानी से जुड़ी तकनीक को और बेहतर बनाया जा सके।

घटना

कैसे पहुंचा रॉकेट का हिस्सा चंद्रमा तक?

स्पेस-X ने फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए 15 जनवरी, 2025 को फायरफ्लाई एयरोस्पेस का ब्लू घोस्ट-1 चंद्र लैंडर सफलतापूर्वक लॉन्च किया था।

मिशन पूरा होने के बाद रॉकेट का ऊपरी हिस्सा अंतरिक्ष में ही रह गया। बाद में सौर गतिविधियों और गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव के कारण उसका रास्ता बदल गया।

वैज्ञानिकों ने पुष्टि की थी कि उसके चंद्रमा से टकराने की संभावना 100 प्रतिशत है। नासा लगातार उसके उड़ान मार्ग की निगरानी कर रही थी।

असर

टक्कर से बगा करीब 60 फीट चौड़ा गड्ढा

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि रॉकेट का यह हिस्सा चंद्रमा की सतह पर लगभग 60 फीट चौड़ा और 12 फीट गहरा गड्ढा बना सकता है।

टक्कर के दौरान बड़ी मात्रा में धूल और पत्थर भी बाहर निकलेंगे। हालांकि, चंद्रमा पर इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं, क्योंकि वहां लगभग हर छह दिन में इसी ऊर्जा वाला एक उल्कापिंड भी टकराता है।

इस घटना से मिलने वाला डाटा चंद्रमा की सतह और उसकी बनावट को समझने में मदद करेगा।

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निगरानी

नासा करेगा पूरी घटना की निगरानी

रॉकेट के चंद्रमा से टकराने के बाद नासा अब इस पूरी घटना का विस्तार से अध्ययन करेगी।

इसके लिए जमीन पर मौजूद दूरबीनों और चंद्रमा की परिक्रमा कर रहे अंतरिक्ष यानों से जुटाई गई तस्वीरों और आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा। इससे भविष्य के चंद्र मिशनों, अंतरिक्ष अनुसंधान और सुरक्षित अंतरिक्ष संचालन की योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

साथ ही, अंतरिक्ष मलबे के प्रबंधन और आने वाले मिशनों की तैयारी के लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल होगी।

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