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धरती पर गिर रहा अंतरिक्ष का मलबा, क्यों बढ़ रही विशेषज्ञों की चिंता?
अंतरिक्ष में तेजी से बढ़ रहा है मलबा

धरती पर गिर रहा अंतरिक्ष का मलबा, क्यों बढ़ रही विशेषज्ञों की चिंता?

Aug 03, 2026
05:12 pm

क्या है खबर?

अंतरिक्ष में मलबे की मात्रा काफी तेजी से बढ़ रही है। दुनिया के कई देश अब अंतरिक्ष के क्षेत्र में ऊंचा मुकाम हासिल करने के लिए तेजी से रॉकेट और सैटेलाइट लॉन्च कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इसका असर अब धरती पर भी दिखाई देने लगा है। लगभग एक मीट्रिक टन अंतरिक्ष मलबा हर सप्ताह पृथ्वी के वातावरण में वापस लौट रहा है। हालांकि, इसका अधिकांश हिस्सा वातावरण में ही जलकर नष्ट हो जाता है।

घटनाएं

लगातार बढ़ रहे हैं रॉकेट लॉन्च और घटनाएं

पोलैंड स्पेस एजेंसी के अधिकारी मारियस स्लोनिना के अनुसार, ऐसी री-एंट्री लगभग हर दिन होती हैं।

वर्ष 2025 में अमेरिकी स्पेस फोर्स ने करीब 820 अंतरिक्ष वस्तुओं के पृथ्वी के वातावरण में लौटने का रिकॉर्ड दर्ज किया, जबकि एक दशक पहले यह संख्या केवल 110 थी।

पिछले साल 300 से अधिक रॉकेट लॉन्च हुए और हजारों सैटेलाइट अब भी कक्षा में मौजूद हैं, जो समय पूरा होने पर वापस लौटते हैं और पृथ्वी की ओर आने लगते हैं।

मलबा

कई देशों में गिर चुका है अंतरिक्ष मलबा

हाल के वर्षों में केन्या के एक खेत में रॉकेट का बड़ा धातु का छल्ला गिरा था, जो 16 साल तक पृथ्वी की परिक्रमा करता रहा था।

इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का मलबा अमेरिका के फ्लोरिडा में एक घर पर गिरा।

स्पेस-X रॉकेट के हिस्से पोलैंड में मिले, जबकि स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और फिलीपींस में भी अंतरिक्ष मलबे के टुकड़े मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं और इससे चिंता लगातार बढ़ रही है।

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चिंता

विशेषज्ञों ने जताई भविष्य को लेकर चिंता

विशेषज्ञों का कहना है कि बिना नियंत्रण वाले अंतरिक्ष मलबे के गिरने की सही जगह का अनुमान लगाना बेहद कठिन है।

केवल एक मिनट की गणना की गलती भी संभावित गिरने की जगह को करीब 300 मील तक बदल सकती है। एक अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2035 तक अंतरिक्ष मलबे से लोगों को चोट लगने का खतरा और बढ़ सकता है।

इसलिए सुरक्षित सामग्री और नए अंतरराष्ट्रीय नियम बनाने की मांग अब तेजी से उठने लगी है।

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