स्मार्टफोन शिपमेंट में 11 प्रतिशत गिरावट, क्यों कमजोर पड़ रही बाजार की मांग?
क्या है खबर?
दुनियाभर के स्मार्टफोन बाजार में इस साल दूसरी तिमाही के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट सालाना आधार पर 11 प्रतिशत घट गया। यह 2013 के बाद सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। हालांकि, इस बीच सैमसंग ने 24 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ फिर से दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है।
वजह
क्या है गिरावट की वजह?
रिपोर्ट के अनुसार, रैम और नैंड मेमोरी की कमी इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह है।
AI डाटा सेंटर की बढ़ती मांग के कारण मेमोरी कंपनियां पहले उन्हें सप्लाई दे रही हैं, जिससे स्मार्टफोन कंपनियों की लागत बढ़ गई है। इसका असर फोन की कीमतों पर पड़ा है।
महंगे स्मार्टफोन की वजह से कई ग्राहक खरीदारी टाल रहे हैं या पुराने मॉडल खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जिससे बाजार की मांग कमजोर हुई है।
प्रदर्शन
सैमसंग और ऐपल का प्रदर्शन रहा बेहतर
बाजार में कमजोरी के बावजूद सैमसंग ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और 24 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की है।
कंपनी को भारत और पश्चिम एशिया में अच्छी मांग, सीमित कीमत बढ़ोतरी और आकर्षक ऑफर का फायदा मिला। वहीं ऐपल ने 20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी।
कंपनी के स्मार्टफोन शिपमेंट में सालाना तीन प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई और उसने अब तक अपने आईफोन की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।
चुनौती
आने वाले समय में भी बनी रह सकती है चुनौती
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 के बाकी महीनों में भी स्मार्टफोन बाजार पर दबाव बना रह सकता है।
पूरे साल वैश्विक शिपमेंट में करीब 14 प्रतिशत गिरावट का अनुमान लगाया गया है। साथ ही मेमोरी की कमी 2027 तक जारी रहने की आशंका है।
ऐसे में कंपनियां कम मुनाफे वाले मॉडल घटाने, पुराने मॉडल ज्यादा बेचने और प्रीमियम स्मार्टफोन पर ज्यादा ध्यान देने की रणनीति अपना सकती हैं।