सऊदी अरब ने आर्टेमिस II मिशन के समर्थन में लॉन्च किया शम्स उपग्रह
क्या है खबर?
सऊदी अरब ने नासा के आर्टेमिस II मिशन के सहयोग में शम्स नामक एक उपग्रह लॉन्च किया है। इसने स्पेस लॉन्च सिस्टम की मदद से चंद्रमा पर मानव वापसी और मंगल ग्रह पर मिशनों का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह सऊदी अरब की तकनीकी प्रगति में एक बड़ी छलांग है और अंतरिक्ष क्षेत्र में अन्य देशों के साथ सहयोग करने के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। साथ ही वह आर्टेमिस मिशन में भाग लेने वाला पहला अरब देश बन गया है।
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क्या है इस उपग्रह का उद्देश्य?
आर्टेमिस II मिशन के वैज्ञानिक पेलोड में सऊदी उपग्रह शम्स भी शामिल है, जिसे मिशन के अनुसंधान उद्देश्यों में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित किया गया है। यह उपग्रह पृथ्वी से लगभग 500 से लेकर 70,000 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली एक अत्यधिक दीर्घवृत्ताकार कक्षा में संचालित होगा। इसका वैज्ञानिक केंद्र अंतरिक्ष मौसम पर है, जिसमें अंतरिक्ष विकिरण, सौर एक्स-किरणें, पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र और उच्च-ऊर्जा वाले सौर कण का अध्ययन शामिल है।
आर्टेमिस मिशन
आर्टेमिस कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को देगा बढ़ावा
नासा के नेतृत्व में आर्टेमिस कार्यक्रम का उद्देश्य वैज्ञानिक नवाचार को गति देना और मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का निर्माण करना है। यह इस कार्यक्रम का दूसरा चरण है और 5 दशकों से अधिक समय में पहली बार मनुष्यों को चंद्रमा के निकट पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मिशन में ओरियन अंतरिक्ष यान में 4 अंतरिक्ष यात्री सवार हैं, जिसे अपनी तरह का पहला मानवयुक्त चंद्र परिक्रमा या फ्लाईबाई मिशन बताया जा रहा है।