सैटेलाइट तस्वीर में दिखा 10,000 किलोमीटर लंबा मानसूनी बादलों का घेरा
क्या है खबर?
देश में मानसून एक बार फिर पूरे जोर के साथ सक्रिय नजर आ रहा है और इसका असर कई इलाकों में दिखाई दे रहा है। ताजा सैटेलाइट तस्वीरों में उत्तर भारत से लेकर दक्षिण कोरिया तक करीब 10,000 किलोमीटर लंबी बादलों की पट्टी दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह इस साल के सबसे मजबूत मानसूनी दौर में से एक है, जिसका प्रभाव एशिया के बड़े हिस्से पर देखा जा रहा है।
बादल
दो दिनों में सामान्य से कहीं अधिक बरसे बादल
सक्रिय मानसून के कारण पिछले दो दिनों में देशभर में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान सामान्य दैनिक बारिश की तुलना में करीब 170 से 180 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई।
कई राज्यों में लगातार तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ा और कई स्थानों पर लोगों को जलभराव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। कई निचले इलाकों में जनजीवन भी इससे काफी प्रभावित हुआ।
मानसून
नमी वाली हवाओं से बना विशाल बारिश का सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, समुद्र से आने वाली नमी से भरी हवाएं सक्रिय मानसूनी क्षेत्र और दूसरे मौसम तंत्र के साथ मिल गईं।
इसके बाद वातावरण में लगातार घने बादल बनने लगे और एक विशाल बारिश वाला सिस्टम तैयार हो गया। इससे उत्तर भारत, हिमालय, चीन और दक्षिण कोरिया तक फैले बड़े इलाके में एक साथ तेज बारिश और गरज वाले बादल देखने को मिल रहे हैं।
कई क्षेत्रों में लगातार मौसम का यही रुख बना हुआ है।
फायदा
फसलों को फायदा
लगातार हो रही बारिश से खरीफ की फसलों, जलाशयों और भूजल स्तर को फायदा मिलने की उम्मीद है।
वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर-पूर्व के कई हिस्सों में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील भी की है।