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सर्वम और पिक्सल उपग्रह के माध्यम से अंतरिक्ष में बनाएगी AI डाटा सेंटर
सर्वम और पिक्सल उपग्रह के माध्यम से अंतरिक्ष में AI डाटा सेंटर बनाने की तैयारी कर रही हैं

सर्वम और पिक्सल उपग्रह के माध्यम से अंतरिक्ष में बनाएगी AI डाटा सेंटर

May 04, 2026
07:05 pm

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी सर्वम अंतरिक्ष में भारत का पहला उपग्रह से संचालित डाटा सेंटर निर्माण करने की घोषणा की है। पाथफाइंडर उपग्रह के डिजाइन, निर्माण, प्रक्षेपण और संचालन के लिए उसने पिक्सल कंपनी के साथ साझेदारी की है। यह ऐसे समय में हुआ है, जब मेटा और गूगल जैसी कंपनियां अपनी AI तकनीकों को विस्तार देने के लिए अंतरिक्ष की ओर रुख कर रही हैं, लेकिन सर्वम और पिक्सल अलग तरीके से इसका उपयोग करेगी।

योजना

इसी साल लॉन्च होगा पाथफाइंडर उपग्रह 

कंपनियां मिलकर अत्याधुनिक AI से लैस पाथफाइंडर उपग्रह का निर्माण और प्रक्षेपण करेंगे, जो अंतरिक्ष में ही डाटा को संसाधित कर सकता है। इसका वजन लगभग 200 किलोग्राम होगा और इसके चौथी तिमाही तक लॉन्च होने की उम्मीद है। उपग्रह में कम बिजली खपत करने वाला एज प्रोसेसर और डाटा सेंटर-ग्रेड GPU लगे होंगे, जो पृथ्वी पर डाटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाले हार्डवेयर के समान हैं। इससे उपग्रह कक्षा में रहते हुए ही AI कार्यों को अंजाम दे सकेगा।

खासियत 

क्या है इस उपग्रह की खासियत?

इस उपग्रह में पिक्सल का प्रमुख हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग कैमरा भी होगा, जो उच्च गुणवत्ता वाला हाइपरस्पेक्ट्रल डाटा कैप्चर कर सकता है और मूलभूत मॉडल्स का उपयोग करके कक्षा में ही उसका विश्लेषण कर सकता है। पिक्सल ने बताया कि बड़ी मात्रा में कच्ची तस्वीरों को प्रोसेस के लिए पृथ्वी पर भेजने के बजाय यह सिस्टम रियल टाइम में पैटर्न की पहचान कर सकती है, परिवर्तनों का पता लगा सकती है और महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकाल सकती है।

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फायदा 

ये होगा इस उपग्रह का फायदा 

उपग्रह से जलवायु और पर्यावरण निगरानी, ​​आपदा राहत, कृषि, संसाधन प्रबंधन और बुनियादी ढांचे की निगरानी जैसे क्षेत्रों में निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। इस उपग्रह का विकास पिक्सल के आगामी गीगापिक्सल प्लांट में किया जाएगा। इस साझेदारी के साथ सर्वम अपनी भारत में निर्मित AI तकनीक को पृथ्वी-आधारित प्रणालियों से अंतरिक्ष तक विस्तारित कर रहा है। इसके AI मॉडल विदेशी क्लाउड सर्वर, विदेशी इंफ्रास्ट्रक्चर या पृथ्वी-आधारित प्रोसेस सिस्टम्स के बजाय सीधे उपग्रह के GPU पर चलेंगे।

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