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सैम ऑल्टमैन ने GPT-6 एस्ट्रा के रोलआउट में देरी के लिए माफी मांगी, जानिए क्या कहा
OpenAI ने GPT-6 एस्ट्रा को अपना सबसे शक्तिशाली मॉडल बताया है

सैम ऑल्टमैन ने GPT-6 एस्ट्रा के रोलआउट में देरी के लिए माफी मांगी, जानिए क्या कहा

Sep 06, 2026
01:33 pm

क्या है खबर?

OpenAI पर नए GPT-6 एस्ट्रा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल को लॉन्च करने के बाद दबाव बढ़ गया है। हालांकि, कंपनी ने एस्ट्रा को AI क्षमताओं में बड़ी प्रगति के तौर पर पेश किया, लेकिन इसके ऐलान के बाद से कई पैसे देने वाले ChatGPT सब्सक्राइबर्स इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, जिससे सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना हो रही है। इसकी शुरुआत डेब्रेक साइबर सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए सीमित एक्सेस के साथ हुई।

स्वीकारा

ऑल्टमैन ने रोलआउट में मानी गलती 

ऑनलाइन शिकायतें बढ़ने पर OpenAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सैम ऑल्टमैन ने एक्स पर इस स्थिति के बारे में बात की। उन्होंने माना कि रोलआउट योजना के मुताबिक नहीं हुआ और इस अनुभव के लिए माफी मांगी।

ऑल्टमैन ने कहा कि कंपनी GPT-6 एस्ट्रा को जल्द से जल्द सभी के लिए उपलब्ध कराने पर काम कर रही है और उन्होंने यूजर्स का धैर्य बनाए रखने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया।

उन्होंने रोलआउट का कोई पक्का शेड्यूल नहीं बताया।

फायदा 

एक्सेस नहीं मिलने पर मिलेगा बैंक्ड यूसेज रिसेट

पैसे देने वाले ग्राहकों की चिंताओं को दूर करने के लिए OpenAI ने एक अच्छा कदम उठाया है।

कोडेक्स के लिए इंजीनियरिंग टीम के प्रमुख थिबॉल्ट सोटियॉक्स के अनुसार, जिन पेड ChatGPT यूजर्स को GPT-6 एस्ट्रा का एक्सेस नहीं मिल पा रहा है, उन्हें हर उस दिन के लिए बैंक्ड यूसेज रिसेट मिलेगा।

कंपनी ने कहा है कि रोलआउट जारी है और इंजीनियर डिप्लॉयमेंट से जुड़ी दिक्कतों को ठीक करने पर काम कर रहे हैं।

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रणनीति 

सीमित एक्सेस के पीछे क्या थी रणनीति?

GPT-6 एस्ट्रा ज्यादा कड़े एक्सेस कंट्रोल के साथ आया है क्योंकि इसमें एडवांस्ड साइबर सिक्योरिटी क्षमताएं हैं।

OpenAI का कहना है कि यह मॉडल बहुत सुरक्षित सिस्टम में कमियों का पता लगाने और उनका फायदा उठाने में सक्षम है, जिससे यह साइबर से जुड़े कामों में पहले के वर्जन के मुकाबले कहीं ज्यादा शक्तिशाली बन जाता है।

इन क्षमताओं की वजह से कंपनी शुरू में भरोसेमंद यूजर्स के एक छोटे समूह तक ही इसकी पहुंच सीमित रख रही है।

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