हैदराबाद की स्टार्टअप कंपनी ने लॉन्च किया भारत का पहला स्ट्रेटोस्फीयर बैलून
रेड बैलून एयरोस्पेस ने हाल ही में भारत के लिए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। उसने विजयवाड़ा से 'मिशन सान्या' नाम का एक हाई-एल्टीट्यूड सुपर-प्रेशर बैलून लॉन्च किया। यह बैलून सीधा स्ट्रेटोस्फीयर तक पहुंचा।
इस मिशन में उनका 'विस्टा' प्लेटफॉर्म 25 किलोमीटर की ऊंचाई तक गया और अपने साथ 7 अलग-अलग पार्टनर्स के कई प्रयोग भी ले गया।
इस शानदार उपलब्धि के साथ भारत अब उन देशों की कतार में खड़ा हो गया है, जो अमेरिका और जापान की तरह अपनी खुद की स्ट्रेटोस्फेरिक बैलून टेक्नोलॉजी विकसित कर रहे हैं।
भारत की तकनीकी क्षमता को किया साबित
'विस्टा' प्लेटफॉर्म को इस तरह बनाया गया है कि वह स्ट्रेटोस्फीयर (समताप मंडल) में हफ्तों या महीनों तक आराम से टिका रह सकता है। पुराने गुब्बारों के विपरीत इसमें गैस लीक होने का कोई डर नहीं है।
इस उड़ान के दौरान प्लेटफॉर्म ने नेविगेशन और धरती का अवलोकन जैसे कई अहम कामों का सफल परीक्षण किया। कंपनी के सह संस्थापक सीवीएस किरण ने इसे 'आसमान का टावर' बताया। उनके मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म आपदा प्रबंधन और सस्ते इंटरनेट जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने में काफी काम आ सकता है।
इस मिशन के सभी पेलोड सफलतापूर्वक पूरे हुए, जिससे यह साफ हो गया कि भारत की तकनीकी क्षमता अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक मानकों पर पूरी तरह खरी उतरती है।