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2030 के बाद ISS की जगह लेंगे प्राइवेट स्पेस स्टेशन, रेस में हैं ये अंतरिक्ष कंपनियां 
ISS के बाद नए स्पेस स्टेशन की तैयारी तेज

2030 के बाद ISS की जगह लेंगे प्राइवेट स्पेस स्टेशन, रेस में हैं ये अंतरिक्ष कंपनियां 

Mar 23, 2026
08:31 pm

क्या है खबर?

दुनिया का अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) अब अपने अंतिम चरण में है और इसे 2030 तक डीऑर्बिट करने की योजना बनाई जा रही है। ऐसे में कई प्राइवेट कंपनियां मिलकर इसके विकल्प के तौर पर नए कमर्शियल स्पेस स्टेशन बनाने की तैयारी कर रही हैं। नासा भी इस बदलाव को सपोर्ट कर रहा है और लो अर्थ ऑर्बिट में भविष्य के लिए निजी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, जिससे अंतरिक्ष में रिसर्च और गतिविधियां जारी रह सकें।

योजना

ब्लू ओरिजिन और अन्य कंपनियों की बड़ी योजना

जेफ बेजोस की ब्लू ओरिजन सिएरा स्पेस के साथ मिलकर 'ऑर्बिटल रीफ' नाम का प्रोजेक्ट बना रही है। इसे एक स्पेस बिजनेस पार्क की तरह डिजाइन किया जा रहा है, जहां रिसर्च और कमर्शियल काम हो सकेंगे। इसके अलावा, एक्सिओम स्पेस भी अपना स्टेशन बना रही है, जिसका पहला मॉड्यूल 2027 तक ISS से जुड़ सकता है और बाद में यह पूरी तरह स्वतंत्र रूप से काम करेगा, जिससे अंतरिक्ष में नए अवसर भी बढ़ेंगे।

अन्य कंपनियां

स्टारलैब, वास्ट स्पेस और मैक्स स्पेस भी रेस में

स्टारलैब स्पेस, जो वॉयेजर स्पेस और एयरबस का जॉइंट प्रोजेक्ट है, 2029 तक अपना स्टेशन लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। वहीं वास्ट स्पेस 'हेवन' सीरीज के तहत नए मॉड्यूलर स्टेशन बना रहा है। इसके अलावा, मैक्स स्पेस 'थंडरबर्ड' नाम के स्टेशन पर काम कर रही है, जिसमें इन्फ्लेटेबल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा, जिससे कम लागत में बड़े स्पेस स्टेशन तैयार किए जा सकेंगे और भविष्य की जरूरतें पूरी होंगी।

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योजना

नासा की डीऑर्बिट योजना और भविष्य की दिशा

नासा ISS को सुरक्षित तरीके से समुद्र में गिराने की योजना बना रही है, ताकि किसी आबादी वाले क्षेत्र को नुकसान न पहुंचे। इसके लिए स्पेस-X को डीऑर्बिट व्हीकल बनाने का काम दिया गया है। आने वाले समय में नासा लो अर्थ ऑर्बिट में अपने ऑपरेशन्स को निजी स्टेशनों पर शिफ्ट करेगा। इससे अंतरिक्ष में रिसर्च के नए अवसर मिलेंगे और लागत भी कम हो सकती है, जिससे स्पेस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा।

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