स्काईरूट की युवा टीम की प्रधानमंत्री मोदी ने की सराहना, कंपनी ने जताया धन्यवाद
क्या है खबर?
हैदराबाद की स्पेस स्टार्टअप कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने सोमवार (20 जुलाई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। संसद के मॉनसून सत्र की पहली बैठक में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कंपनी की युवा टीम का जिक्र किया था। इसके बाद स्काईरूट ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा कर इसे अपने लिए सम्मान की बात बताया। कंपनी ने कहा कि यह पल पूरी टीम के लिए बेहद प्रेरणादायक और गर्व का है।
चर्चा
28 साल की औसत उम्र वाली टीम की चर्चा
स्काईरूट ने अपनी पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री ने कंपनी की टीम की औसत उम्र सिर्फ 28 साल होने का भी जिक्र किया।
कंपनी के अनुसार यह दिखाता है कि जब युवाओं को सही अवसर और बेहतर माहौल मिलता है तो वे बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
स्काईरूट ने कहा कि युवा भारतीय इंजीनियर नई तकनीक और अंतरिक्ष क्षेत्र में लगातार शानदार काम कर रहे हैं, और देश का नाम वैश्विक स्तर पर लगातार ऊंचा कर रहे हैं।
संकल्प
भारत से दुनिया के लिए काम करने का संकल्प
कंपनी ने कहा कि वह भारत में अंतरिक्ष तकनीक को आगे बढ़ाने के अपने लक्ष्य पर लगातार काम करती रहेगी।
स्काईरूट ने दोहराया कि उसका उद्देश्य भारत से दुनिया के लिए नई तकनीक विकसित करना है।
कंपनी का कहना है कि देश के युवा इंजीनियरों की मेहनत और नए विचार भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, और भविष्य में भी ऐसे नवाचारों को लगातार आगे बढ़ाते रहेंगे।
उपलब्धि
निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धि का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में स्काईरूट को भारत के तेजी से बढ़ते निजी अंतरिक्ष क्षेत्र का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि कंपनी की सफलता देश के युवाओं की क्षमता और नए अवसरों को दिखाती है।
हाल ही में स्काईरूट का विक्रम-1 ऑर्बिटल मिशन की कोशिश करने वाला पहला निजी भारतीय रॉकेट बना, जिसे देश के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, और इससे निजी स्पेस सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें पोस्ट
Honoured to see the spotlight on the Skyroot team in the Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi's address during today’s inaugural Monsoon Session of Parliament.
— Skyroot Aerospace (@SkyrootA) July 20, 2026
His mention of our team’s average age—just 28 years—was a powerful reminder of what young Indian engineers can… pic.twitter.com/S1iAU8CHrv