गूगल और ऐपल पर एक्स-ग्रोक को हटाने का बढ़ा दबाव, जानिए क्या है वजह
क्या है खबर?
एलन मस्क के स्वामित्व वाली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट ग्रोक के इस्तेमाल को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इसके चलते ऐपल और गूगल पर अपने ऐप स्टोर से एक्स और ग्रोक ऐप को हटाने का दबाव बढ़ गया है। अमेरिका में 3 डेमोक्रेटिक सीनेटर्स ने दोनों कंपनियों को पत्र लिखकर जब तक दोनों ऐप्स को हटाने का आग्रह किया है, जब तक की मस्क इन समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं।
पत्र
नस्लीय तस्वीरों को लेकर बढ़ रहा विरोध
सीनेटर रॉन वायडेन, एड मार्की और बेन रे लुजान ने ऐपल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टिम कुक और गूगल के CEO सुंदर पिचई को पत्र लिखा है। उन्होंने उन रिपोर्ट्स का हवाला दिया, जिनमें कहा गया है कि ग्रोक और एक्स ने यूजर्स को बिना सहमति के अश्लील इमेज बनाने और शेयर करने की छूट देता है। सीनेटर्स ने AI के उपयोग से बनाए नस्लीय और जातीय रूप से अपमानजनक तस्वीरों के उदाहरणों की ओर भी इशारा किया।
जांच
कई देशों में की जा रही जांच
ग्राेक से अश्लील इमेज बनाने को लेकर यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया और भारत में कई अंतरराष्ट्रीय नियामकों ने जांच शुरू कर दी। मस्क और एक्स ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि जो यूजर्स ग्रोक को अवैध कंटेंट बनाने के लिए उकसाएंगे, उन्हें ऐसा कंटेंट अपलोड करने वालों के समान ही परिणाम भुगतने होंगे। हाल ही में ग्रोक से इमेज बनाने की सुविधा को सशुल्क ग्राहकों तक सीमित कर दिया है। इन उपायों को आलोचकों ने अपर्याप्त बताया है।