सेमीकॉन इंडिया 2026 का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया उद्घाटन, 300 से अधिक कंपनियां होंगी शामिल
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (17 सितंबर) सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन कर दिया है। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत दिल्ली में हुई है, जो 17 से 19 सितंबर तक चलेगा। इसका विषय 'सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम' रखा गया है। कार्यक्रम में भारत की बढ़ती सेमीकंडक्टर क्षमता, नई परियोजनाओं और चिप निर्माण के क्षेत्र में देश की तैयारियों को दुनिया के सामने रखा जा रहा है।
कंपनियां
बड़ी कंपनियां और विशेषज्ञ ले रहे हिस्सा
सेमीकॉन इंडिया 2026 में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की करीब 300 भारतीय तथा विदेशी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं।
इनके साथ नीति निर्माता, निवेशक, शोधकर्ता, स्टार्टअप और शिक्षण संस्थान भी जुड़े हैं। कार्यक्रम में निवेश, नई तकनीक, सहयोग और प्रतिभा विकास पर चर्चा हो रही है।
इसके अलावा, डिस्प्ले उद्योग की प्रगति, छह देशों के साथ गोलमेज बैठकें और महिला नेतृत्व से जुड़े सत्र भी रखे गए हैं। इससे नई साझेदारियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
चिप डिजाइन
घरेलू चिप डिजाइन पर खास ध्यान
इस बार कार्यक्रम का मुख्य फोकस भारत में चिप डिजाइन और निर्माण की क्षमता बढ़ाने पर है।
केंद्र सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके तहत भारतीय बौद्धिक संपदा, फैबलेस चिप कंपनियों और घरेलू डिजाइन को बढ़ावा दिया जाएगा।
कंप्यूटिंग, मेमोरी, रेडियो फ्रीक्वेंसी, पावर, नेटवर्किंग और सेंसर जैसी जरूरी तकनीकों के लिए चिप और सिस्टम विकसित करने पर जोर रहेगा।
सप्लाई
सप्लाई चेन मजबूत करने की तैयारी
सेमीकॉन 2.0 के तहत सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन की कमियों को दूर करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
वेफर, फोटोमास्क, फोटोरेसिस्ट, सब्सट्रेट, रसायन और गैस बनाने वाली इकाइयों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। बड़े सिलिकॉन वेफर संयंत्रों को 40 प्रतिशत तक पूंजीगत सहायता मिल सकती है। कंपाउंड सेमीकंडक्टर, सेंसर और फोटोनिक्स इकाइयों को 35 प्रतिशत सहायता मिलेगी।
एडवांस्ड पैकेजिंग के लिए 35 प्रतिशत और लेगेसी पैकेजिंग के लिए 25 प्रतिशत समर्थन तय है।
प्रशिक्षण
इंजीनियरों और तकनीशियनों को मिलेगा प्रशिक्षण
कार्यक्रम में प्रतिभा विकास को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
सरकार चिप डिजाइनरों के साथ इंजीनियरों, शोधकर्ताओं, तकनीशियनों और संयंत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना चाहती है। पहले 85,000 सेमीकंडक्टर इंजीनियर तैयार करने का लक्ष्य समय से पहले पूरा हो चुका है।
अब 1 लाख और इंजीनियर तैयार करने की योजना है। उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने माइक्रोन, ASML, इंटेल, AMD और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात की थी।