अपोलो-11 में जिस पेन ने बचाई थी नील आर्मस्ट्रांग की जान, इतनी कीमत में हुआ नीलाम
क्या है खबर?
अपोलो-11 मिशन से जुड़ा एक साधारण प्लास्टिक पेन नीलामी में 8.5 लाख डॉलर (करीब 8 करोड़ रुपये) से अधिक में बेचा गया है। यही पेन जुलाई, 1969 में चांद पर हुए ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन के दौरान इस्तेमाल किया गया था। अंतरिक्ष इतिहास से जुड़े इस पेन को बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इसे उस घटना की यादगार माना जाता है, जिसने अपोलो-11 मिशन को बड़ी मुश्किल से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई थी।
उम्मीद
इसी पेन ने बचाई थी वापसी की उम्मीद
चांद पर उतरने के बाद नील आर्मस्ट्रांग और बज़ एल्ड्रिन जब लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी एसेंट इंजन से जुड़ा जरूरी सर्किट ब्रेकर स्विच टूट गया।
इससे इंजन चालू होना मुश्किल हो गया। तब बज एल्ड्रिन ने अपने पास मौजूद प्लास्टिक पेन को टूटे हुए हिस्से में सावधानी से लगाया।
इससे बिजली का संपर्क फिर से बन गया और इंजन चालू हो सका। इसी कारण दोनों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित पृथ्वी लौट पाए।
किस्सा
बज एल्ड्रिन ने सुनाया था पूरा किस्सा
बज एल्ड्रिन ने अपनी आत्मकथा में इस घटना का विस्तार से जिक्र किया है।
उन्होंने लिखा कि टूटा हुआ स्विच देखकर उन्हें लगा कि चांद से वापसी मुश्किल हो सकती है। काफी सोचने के बाद उन्होंने पेन का इस्तेमाल करने का फैसला किया। जब यह तरीका सफल रहा तो पूरी टीम ने राहत की सांस ली।
इस छोटे से उपाय ने इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों में से एक को असफल होने से बचा लिया।
निशानी
आज भी अंतरिक्ष इतिहास की खास निशानी
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पेन केवल एक साधारण लिखने का उपकरण नहीं, बल्कि अंतरिक्ष इतिहास की अनमोल धरोहर है।
अपोलो-11 मिशन मानव इतिहास के सबसे बड़े वैज्ञानिक अभियानों में गिना जाता है। ऐसे में उस मिशन से जुड़ी वस्तुओं की ऐतिहासिक और संग्रहणीय कीमत बहुत अधिक मानी जाती है।
यही वजह है कि आज के समय में इस पेन को नीलामी में लाखों डॉलर की रिकॉर्ड कीमत पर खरीदा गया है।