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सोशल मीडिया, डेटिंग और गेमिंग ऐप्स के लिए जरूरी होगा आयु सत्यापन, संसदीय समिति का प्रस्ताव
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए आयु सत्यापन जरूरी होगा

सोशल मीडिया, डेटिंग और गेमिंग ऐप्स के लिए जरूरी होगा आयु सत्यापन, संसदीय समिति का प्रस्ताव

Mar 24, 2026
11:03 am

क्या है खबर?

संसद की एक समिति ने गृह और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालयों को ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया, डेटिंग और गेमिंग ऐप के लिए KYC-आधारित यूजर पहचान और आयु-सत्यापन सिस्टम शुरू करने की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव विशेष रूप से महिलाओं और नाबालिग यूजर्स को ध्यान में रखते हुए रखा गया है। ये प्रस्ताव महिला सशक्तिकरण संबंधी संसदीय समिति की 'साइबर अपराध और महिलाओं की साइबर सुरक्षा' पर रिपोर्ट का हिस्सा थे।

प्रस्ताव 

समिति ने रखा यह प्रस्ताव 

रिपोर्ट में कहा, "समिति फर्जी प्रोफाइल, प्रतिरूपण और गुमनाम उत्पीड़न के खतरे को रोकने के लिए सभी सोशल मीडिया, डेटिंग और गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य KYC-आधारित सत्यापन शुरू करने की पुरजोर सिफारिश करती है।" इसमें आगे कहा है कि प्लेटफॉर्म को समय-समय पर दोबारा सत्यापन करना चाहिए और दुर्व्यवहार की बार-बार शिकायत वाले अकाउंट्स के लिए उच्च जोखिम वाले चिह्न बनाए रखने चाहिए। इसमें ऐप्स के लिए सख्त लाइसेंसिंग मानदंड और आयु-सत्यापन प्रोटोकॉल स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।

जुर्माना 

ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर लग सकता है जुर्माना 

संसदीय समिति ने उन प्लेटफॉर्म्स पर जुर्माना लगाने का प्रस्ताव दिया है, जो महिलाओं और नाबालिगों को धोखाधड़ी या जबरदस्ती की प्रथाओं से बचाने में विफल रहते हैं। पैनल ने साइबरस्टॉकिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न, बिना सहमति के अंतरंग तस्वीरों के प्रसार और ऑनलाइन दुर्व्यवहार को सक्षम बनाने में फर्जी अकाउंट्स के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त की। इन कदमों के तहत प्लेटफाॅर्म्स को आधिकारिक दस्तावेजों के माध्यम से यूजर्स की पहचान सत्यापित करने की आवश्यकता हो सकती है।

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