ओप्पो ने वनप्लस और रियलमी का किया विलय, बनाई नई यूनिट- रिपोर्ट
क्या है खबर?
चीन की जानी-मानी स्मार्टफोन कंपनी वनप्लस और रियलमी का विलय हो गया है। टेक लीक रिपोर्ट देने वाली वेबसाइट डिजिटल चैट स्टेशन के अनुसार, ओप्पो ने अपने दोनों ब्रांड वनप्लस और रियलमी को मिलाकर एक नई बिजनेस यूनिट बना ली है। इस नए ढांचे में दोनों ब्रांड एक ही प्रोडक्ट सेंटर के तहत काम करेंगे, जिससे कंपनी का ऑपरेशन आसान होगा और बाजार में बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी।
संचालन
नई व्यवस्था में ऐसे होगा संचालन
रिपोर्ट के मुताबिक, इस नई यूनिट में वनप्लस और रियलमी के ग्लोबल और घरेलू कामकाज को एक साथ जोड़ा जाएगा। इस प्रोडक्ट सेंटर की जिम्मेदारी वनप्लस चीन के प्रेसिडेंट ली जी संभालेंगे और वे सीधे पीट लाउ को रिपोर्ट करेंगे। इसके अलावा, प्रोडक्ट डेवलपमेंट के साथ-साथ मार्केटिंग और सर्विस से जुड़े काम भी एक साथ किए जाने की संभावना है, जिससे फैसले जल्दी और बेहतर तरीके से लिए जा सकेंगे।
फायदा
रीस्ट्रक्चरिंग से क्या मिलेगा फायदा?
इस बदलाव का मकसद ब्रांड की अलग पहचान बनाए रखते हुए अंदरूनी कामकाज को मजबूत करना है। ओप्पो इससे डुप्लीकेशन कम कर सकता है और संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकता है। इससे नए प्रोडक्ट जल्दी लॉन्च हो सकेंगे और लागत भी कम हो सकती है। कंपनी को उम्मीद है कि इस कदम से भारत और यूरोप जैसे बड़े बाजारों में उसकी पकड़ और मजबूत होगी और प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।
रणनीति
मार्केट में असर और भविष्य की रणनीति
वनप्लस और रियलमी दोनों अलग-अलग कीमत के सेगमेंट में मजबूत ब्रांड हैं, इसलिए उनका एक साथ काम करना ओप्पो के लिए फायदेमंद हो सकता है। हाल ही में भारत में लीडरशिप बदलाव की खबरों के बीच यह फैसला लिया गया है, लेकिन कंपनी ने साफ किया है कि भारत में काम पहले की तरह जारी रहेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे कंपनी को ग्लोबल स्तर पर तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।