ChatGPT की सलाह पर इलाज में देरी का आरोप, OpenAI पर हुआ मुकदमा
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से लोग आज कई तरह की जानकारी हासिल कर रहे हैं, लेकिन मेडिकल सलाह को लेकर इसकी विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के एक पादरी ने OpenAI और उसके CEO सैम ऑल्टमैन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि ChatGPT की सलाह के कारण गंभीर बीमारी का समय पर इलाज नहीं हो सका और उनकी हालत बाद में ज्यादा बिगड़ गई।
मामला
जानिए क्या है पूरा मामला?
पादरी स्कॉट विंटर्स ने अपने लक्षण ChatGPT को बताए थे, लेकिन चैटबॉट ने उन्हें बताया कि यह गंभीर समस्या नहीं है और अस्पताल जाने की तत्काल जरूरत नहीं है।
जब परिवार और चर्च के लोगों ने डॉक्टर के पास जाने की सलाह दी, तब भी चैटबॉट ने कथित तौर पर ऐसे जवाब दिए, जिससे उन्होंने इलाज कराने में देरी कर दी।
बाद में उन्हें फेफड़ों में खून का थक्का होने की समस्या मिली, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया।
मांग
ChatGPT हेल्थ पर रोक लगाने की भी मांग
विंटर्स ने अदालत से आर्थिक मुआवजे के साथ ChatGPT हेल्थ सेवा पर रोक लगाने की भी मांग की है।
उनका कहना है कि जब तक स्वतंत्र विशेषज्ञ इसकी सुरक्षा की जांच पूरी नहीं कर लेते, तब तक इसे इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
मुकदमे में यह भी मांग की गई है कि चैटबॉट को बीमारी की पहचान और इलाज से जुड़े सीधे जवाब देने से रोका जाए, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की दोबारा संभावना कम हो सके।
सफाई
OpenAI ने दी सफाई
OpenAI का कहना है कि उसकी सेवा की शर्तों में साफ लिखा है कि ChatGPT का इस्तेमाल बीमारी की पहचान या इलाज के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
हालांकि, कंपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी से जुड़े फीचर भी उपलब्ध कराती है। पहले भी ChatGPT से जुड़े कुछ मामलों में गलत सलाह और सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल उठ चुके हैं।
इन मामलों की कानूनी प्रक्रिया फिलहाल जारी है और अदालत में अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई भी चल रही है।