अब AI से बनी तस्वीरों की पहचान करना होगा आसान, OpenAI ने पेश किए नए टूल
क्या है खबर?
OpenAI ने AI से बनी तस्वीरों और डिजिटल कंटेंट की पहचान आसान बनाने के लिए नए टूल और फीचर पेश किए हैं। कंपनी का कहना है कि इन फीचर्स की मदद से यूजर्स यह समझ सकेंगे कि कोई इमेज AI से बनाई गई है या नहीं। OpenAI ने बताया कि सोशल मीडिया और वेबसाइट पर AI कंटेंट तेजी से बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए कंपनी अब नए वेरिफिकेशन सिस्टम और डिजिटल सुरक्षा तकनीक पर जोर दे रही है।
क्रेडेंशियल सिस्टम
कंटेंट क्रेडेंशियल सिस्टम को मिला विस्तार
OpenAI ने बताया कि वह पहले से DALL·E 3 और दूसरे AI टूल से बनी तस्वीरों में कंटेंट क्रेडेंशियल तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। अब कंपनी इसे और ज्यादा मजबूत बना रही है। इस तकनीक के जरिए तस्वीर के साथ खास मेटाडाटा जुड़ जाता है, जिससे पता लगाया जा सकता है कि तस्वीर कैसे बनाई गई या उसमें बदलाव किया गया है। इससे पत्रकारों, प्लेटफॉर्म और यूजर्स को तस्वीर की असली जानकारी समझने में मदद मिलेगी।
सिंथ ID
गूगल सिंथ ID तकनीक का भी होगा इस्तेमाल
कंपनी ने जानकारी दी कि अब ChatGPT, कोडेक्स और OpenAI API से बनी तस्वीरों में गूगल डीपमाइंड की सिंथ ID वॉटरमार्किंग तकनीक भी जोड़ी जाएगी। यह तकनीक तस्वीर के अंदर छिपा हुआ डिजिटल वॉटरमार्क डालती है, जिसे आसानी से हटाया नहीं जा सकता। OpenAI का कहना है कि स्क्रीनशॉट लेने या तस्वीर का आकार बदलने के बाद भी यह वॉटरमार्क काम कर सकता है। इससे AI से बनी तस्वीरों की पहचान करना पहले से ज्यादा आसान हो सकता है।
वेरिफिकेशन टूल
नया वेरिफिकेशन टूल भी किया पेश
OpenAI ने पब्लिक वेरिफिकेशन टूल का प्रीव्यू भी दिखाया है। कंपनी के अनुसार, लोग इसमें तस्वीर अपलोड करके जांच सकेंगे कि उसमें OpenAI के AI सिग्नल मौजूद हैं या नहीं। इसमें सिंथ ID वॉटरमार्क और कंटेंट क्रेडेंशियल दोनों की जांच की जाएगी। हालांकि, कंपनी ने साफ कहा है कि यह सिस्टम पूरी तरह परफेक्ट नहीं है और कई बार एडिट की गई तस्वीरों की पहचान करना मुश्किल हो सकता है। यह फीचर OpenAI वेरीफाई के जरिए प्रीव्यू में उपलब्ध है।