भारत ही नहीं, इन देशों में भी टेलीग्राम पर लग चुकी है रोक; जानिए वजह
क्या है खबर?
लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम एक बार फिर चर्चा में है। भारत सरकार ने NEET री-एग्जाम से जुड़े कथित फर्जी विज्ञापनों और पेपर लीक की आशंकाओं को देखते हुए 22 जून, 2026 तक इस पर अस्थायी रोक लगा दी है। मैसेज एडिटिंग फीचर को भी 30 जून तक बंद रखने का फैसला किया गया है। हालांकि, भारत ऐसा करने वाला अकेला देश नहीं है। दुनिया के कई देशों में टेलीग्राम पर पहले भी प्रतिबंध या पाबंदियां लगाई जा चुकी हैं।
देश
इन देशों में टेलीग्राम पर लगी है रोक
भारत के अलावा कम से कम 14 देशों ने टेलीग्राम पर पूरी या आंशिक पाबंदियां लगाई हैं। इनमें चीन, ईरान, थाईलैंड, क्यूबा, पाकिस्तान, रूस, ब्राजील, स्पेन, अजरबैजान, नॉर्वे, बेलारूस, जर्मनी, बहरीन और इंडोनेशिया शामिल हैं। कुछ देशों में ऐप को पूरी तरह ब्लॉक किया गया, जबकि कई जगहों पर केवल कुछ फीचर्स या खास चैनलों पर रोक लगाई गई है। कई देशों में यह ऐप कड़ी सरकारी निगरानी के तहत काम कर रहा है।
चिंता
गलत जानकारी और सुरक्षा चिंताओं से बढ़ी मुश्किलें
टेलीग्राम को लेकर कई सरकारों की चिंता राष्ट्रीय सुरक्षा, गलत जानकारी फैलाने और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी रही है। चीन ने 2015 में और ईरान ने 2018 में इस ऐप पर प्रतिबंध लगाया था। थाईलैंड और क्यूबा ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान इसे ब्लॉक किया, जबकि ब्राजील और स्पेन में फेक न्यूज और कॉपीराइट विवादों के कारण अस्थायी रोक लगाई गई। कई देशों का मानना है कि बड़े पब्लिक चैनल और एन्क्रिप्टेड सिस्टम निगरानी को मुश्किल बना देते हैं।
चुनौती
प्राइवेसी और सुरक्षा के बीच संतुलन की चुनौती
टेलीग्राम अपने एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग फीचर्स और बड़े चैनलों के लिए जाना जाता है, लेकिन यही विशेषताएं इसे विवादों के केंद्र में भी लाती हैं। कई सरकारों का कहना है कि ऐप का इस्तेमाल गलत जानकारी फैलाने, फर्जी दावे करने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है। वहीं, समर्थकों का तर्क है कि टेलीग्राम लोगों को निजी और सुरक्षित संवाद का मंच देता है। इसी वजह से दुनियाभर में टेलीग्राम को लेकर बहस लगातार जारी है।