AI के कारण कोई नौकरी नहीं है सुरक्षित, उबर के CEO ने दिया बयान
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को लेकर वर्तमान में सबसे अधिक चर्चा नौकरियों पर पड़ने वाले खतरे को लेकर हो रही है। अब यह बहस सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़े अधिकारियों तक भी पहुंच गई है। हाल ही में उबर के CEO दारा खोसरोशाही ने खुलासा किया कि कंपनी के इंजीनियरों ने उनका एक AI क्लोन तैयार किया है। इस क्लोन का नाम 'दारा AI' रखा गया है और इसका उपयोग खास उद्देश्य से किया जा रहा है।
काम
दारा AI कैसे करता है काम?
खोसरोशाही ने एक पॉडकास्ट में बताया कि यह AI क्लोन उन्हें पूरी तरह बदलने के लिए नहीं बनाया गया है। कंपनी की टीमें इसका इस्तेमाल मीटिंग और प्रेजेंटेशन की तैयारी के लिए करती हैं। इंजीनियर पहले दारा AI के सामने अपनी प्रस्तुति देते हैं, ताकि वे असली CEO के साथ बातचीत से पहले अभ्यास कर सकें। इसे एक तरह का प्रयोग माना जा रहा है, लेकिन इससे भविष्य को लेकर सवाल भी उठे हैं।
संभावना
क्या AI ले सकता है CEO की जगह?
जब उनसे पूछा गया कि क्या भविष्य में AI किसी CEO की जगह ले सकता है, तो उन्होंने कहा कि अगर AI मॉडल रियल-टाइम में सीखने लगें, तो किसी को भी बदला जा सकता है। इससे पहले भी कई टेक लीडर कह चुके हैं कि AI नेतृत्व की भूमिकाओं में भी असर डाल सकता है। यह संकेत देता है कि आने वाले समय में प्रबंधन स्तर की नौकरियां भी तकनीक से प्रभावित हो सकती हैं।
उपयोग
उबर में AI का बढ़ता उपयोग
उबर पहले से ही अपने राइड-हेलिंग कारोबार में AI का बहुत बड़े स्तर पर उपयोग कर रही है। कंपनी ने AI से जुड़े कई सारे नए प्रोजेक्ट भी शुरू किए हैं। CEO का कहना है कि अगर AI इंजीनियरों को अधिक कुशल बनाता है तो हायरिंग रणनीति बदल सकती है। भविष्य में ज्यादा कर्मचारियों की जगह उन्नत कंप्यूटिंग संसाधनों और GPU में बड़े निवेश को प्राथमिकता दी जा सकती है।