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17 डॉक्टरों से नहीं मिला जवाब, ChatGPT की मदद से पता चली बच्चे की बीमारी
AI ने 17 डॉक्टरों के बाद बीमारी का सुराग दिया

17 डॉक्टरों से नहीं मिला जवाब, ChatGPT की मदद से पता चली बच्चे की बीमारी

Sep 04, 2026
03:02 pm

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिकित्सा के क्षेत्र में काफी काम आ रहा है। द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में एक बच्चे की तीन साल पुरानी बीमारी का कारण 17 डॉक्टरों से सलाह के बाद भी पता नहीं चल सका। बच्चे को लगातार दर्द, सिरदर्द, चलने में परेशानी और थकान रहती थी। आखिरकार उसकी मां कोर्टनी ने मेडिकल रिकॉर्ड और लक्षणों को ChatGPT में डालकर मदद ली। AI ने एक संभावित बीमारी का संकेत दिया, जिसके बाद डॉक्टरों ने जांच की।

जवाब

AI ने रिकॉर्ड से पकड़ी बीमारी

ChatGPT की मदद लेने से पहले कोर्टनी ने बच्चे के MRI और क्लिनिकल नोट्स समेत कई मेडिकल रिकॉर्ड इकट्ठा किए।

उन्होंने बच्चे के लक्षणों की जानकारी भी AI को दी, जिसमें पालथी मारकर बैठने में परेशानी जैसी बात शामिल थी। ChatGPT ने इन जानकारियों को जोड़कर 'टेथर्ड कॉर्ड सिंड्रोम' की संभावना बताई।

यह स्थिति स्पाइना बिफिडा ऑकुल्टा से जुड़ी हो सकती है और इसमें रीढ़ की हड्डी सामान्य रूप से स्वतंत्र रूप से नहीं रहती।

पुष्टि

डॉक्टर ने AI की बात की पुष्टि की

AI से मिली जानकारी के बाद कोर्टनी ने एक दूसरे न्यूरोसर्जन से अपॉइंटमेंट लिया।

डॉक्टर ने बच्चे के स्कैन और लक्षणों की जांच करने के बाद पाया कि स्पाइना बिफिडा ऑकुल्टा की वजह से उसकी स्पाइनल कॉर्ड टेथर्ड थी। इससे परिवार को लंबे समय से परेशान कर रहे लक्षणों की वजह समझ आई।

इससे पहले बच्चे को बच्चों के डॉक्टर, न्यूरोलॉजिस्ट, ENT विशेषज्ञ, डेंटिस्ट और ऑर्थोडॉन्टिस्ट समेत कई डॉक्टर दिखाए गए थे।

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अन्य

AI मददगार, लेकिन डॉक्टर जरूरी

इस मामले में ChatGPT ने सीधे बीमारी का अंतिम डायग्नोसिस नहीं किया, बल्कि एक संभावना सामने रखी, जिससे परिवार को सही विशेषज्ञ तक पहुंचने में मदद मिली।

मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, AI मुश्किल रिपोर्ट समझने, रिकॉर्ड व्यवस्थित करने और डॉक्टर से पूछे जाने वाले सवाल तैयार करने में मदद कर सकता है।

हालांकि, AI की जानकारी गलत या अधूरी भी हो सकती है, इसलिए किसी बीमारी का इलाज या डायग्नोसिस डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।

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