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मेटा की बढ़ीं मुश्किलें, NCPCR ने शुरू की कथित बाल यौन शोषण कंटेंट मामले की जांच
विज्ञापनों को लेकर विवादों में घिरी मेटा

मेटा की बढ़ीं मुश्किलें, NCPCR ने शुरू की कथित बाल यौन शोषण कंटेंट मामले की जांच

Aug 05, 2026
10:55 am

क्या है खबर?

फेसबुक की मूल कंपनी मेटा विज्ञापनों को लेकर विवादों में घिर गई है। बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कथित विज्ञापनों के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने कंपनी के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू करने का फैसला किया है। आयोग का कहना है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा। पूरे मामले की विस्तार से जांच की जाएगी और उसके आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई तय की जाएगी।

जवाब

मीडिया रिपोर्ट के बाद आयोग ने मांगा जवाब

यह मामला एक मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद चर्चा में आया, जिसमें मेटा के प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कथित विज्ञापनों का दावा किया गया था।

इसके बाद आयोग ने 3 जुलाई को कंपनी को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा।

इसमें साथ ही यह भी पूछा गया कि ऐसे कंटेंट को रोकने के लिए कंपनी ने कौन-कौन से सुरक्षा उपाय अपनाए हैं और उन्हें किस तरह लागू किया जा रहा है।

जांच

कंपनी के जवाब के बाद जांच शुरू

मेटा ने आयोग को निर्धारित समय के भीतर अपना जवाब भेज दिया।

आयोग ने कंपनी की ओर से दी गई जानकारी और जवाब की समीक्षा करने के बाद मामले में औपचारिक जांच शुरू करने का फैसला लिया।

अब यह पता लगाया जाएगा कि कथित विज्ञापन किन परिस्थितियों में सामने आए और उन्हें रोकने के लिए कंपनी की व्यवस्था कितनी प्रभावी, मजबूत और भरोसेमंद रही। जांच में सभी संबंधित दस्तावेज और तथ्यों की भी समीक्षा की जाएगी।

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मॉडरेशन

कंटेंट मॉडरेशन व्यवस्था की होगी पड़ताल

जांच के दौरान आयोग यह भी परखेगा कि मेटा का कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम किस तरह काम करता है।

साथ ही यह देखा जाएगा कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट की पहचान करने, उसे हटाने और उसके प्रसार को रोकने के लिए कंपनी कौन-कौन से कदम उठाती है।

जांच पूरी होने के बाद आयोग अपनी रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई और निर्देश जारी करेगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित पक्षों से अतिरिक्त जानकारी भी ली जाएगी।

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