नासा के स्काईफॉल मिशन के तहत मंगल पर हेलीकॉप्टर भेजने की तैयारी
नासा का स्काईफॉल मिशन 2028 में अपनी उड़ान भरेगा। इस मिशन के तहत 3 छोटे हेलीकॉप्टर्स को मंगल ग्रह पर भेजा जाएगा।
हर हेलीकॉप्टर के साथ एक खास 'केप' लगा होगा, जिसे हल्के मटेरियल से बनाया गया है। ये केप असल में लचीले रडार एंटीना हैं, जिनकी मदद से मंगल की सतह के 16 फीट नीचे तक छिपी पानी की बर्फ का पता लगाया जा सकेगा।
पानी-ऑक्सीजन की हो सकेगी व्यवस्था
मंगल ग्रह पर पानी की बर्फ मिलना भविष्य के अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बहुत मायने रखता है। इससे वे मंगल पर ही पीने का पानी, सांस लेने के लिए ऑक्सीजन और रॉकेट के लिए ईंधन भी बना सकेंगे।
नासा के इंजीनियर्स ने इन रडार केप्स को कड़े परीक्षणों से गुजारा है, ताकि वे मंगल पर उतरने के दौरान पड़ने वाले झटकों और वहां के चरम तापमान को आसानी से झेल सकें।
इंजेनुइटी हेलीकॉप्टर की सफलता से प्रेरणा लेते हुए स्काईफॉल मिशन का मुख्य लक्ष्य मंगल का और गहराई से अध्ययन करना है, ताकि लाल ग्रह पर इंसानों के जीवन की संभावनाएं तलाशी जा सकें।