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नासा का स्विफ्ट बूस्ट मिशन हुआ लॉन्च, बचाया जाएगा 20 साल पुराना टेलीस्कोप
नासा ने लॉन्च किया स्विफ्ट बूस्ट मिशन

नासा का स्विफ्ट बूस्ट मिशन हुआ लॉन्च, बचाया जाएगा 20 साल पुराना टेलीस्कोप

Jul 03, 2026
06:38 pm

क्या है खबर?

अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने आज (3 जुलाई) अपने स्विफ्ट बूस्ट मिशन को लॉन्च कर दिया है। भारतीय समयानुसार यह मिशन आज 2:00 बजे के करीब नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन पेगासस XL रॉकेट के जरिए लॉन्च हुआ। इस मिशन में कैटालिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज का लिंक नाम का रोबोटिक अंतरिक्ष यान भेजा गया है। इसका उद्देश्य नासा के स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को पकड़कर सुरक्षित ऊंची कक्षा में पहुंचाना है, ताकि वह धरती के वातावरण में गिरने से बच सके।

मिशन

कैसे होगा मिशन में काम?

लॉन्च के बाद लिंक अंतरिक्ष यान करीब एक महीने में स्विफ्ट टेलीस्कोप तक पहुंचेगा। इसके बाद यह दो से तीन सप्ताह तक टेलीस्कोप का अध्ययन करेगा और उसे पकड़ने की सही जगह तय करेगा। फिर अपने तीन रोबोटिक हाथों की मदद से उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ लेगा। पूरी प्रक्रिया बिना किसी अंतरिक्ष यात्री के पूरी तरह स्वचालित तरीके से होगी और हर चरण पर मिशन की लगातार निगरानी की जाएगी।

लक्ष्य

360 से 600 किलोमीटर ऊंची कक्षा में पहुंचेगा

टेलीस्कोप को पकड़ने के बाद लिंक अपने आयन थ्रस्टर की मदद से अगले करीब दो महीने में उसकी कक्षा धीरे-धीरे करके ऊपर की तरफ उठाएगा। फिलहाल स्विफ्ट टेलीस्कोप धरती से लगभग 360 किलोमीटर की ऊंचाई पर है। मिशन का लक्ष्य इसे फिर से 600 किलोमीटर ऊंची सुरक्षित कक्षा में पहुंचाना है। इससे टेलीस्कोप का वातावरण की ओर खिंचाव कम होगा और उसकी वैज्ञानिक सेवाएं कई वर्षों तक जारी रह सकेंगी।

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महत्व

20 साल पुराने टेलीस्कोप की क्यों है जरूरत?

नासा ने स्विफ्ट टेलीस्कोप को नवंबर, 2004 में लॉन्च किया था। यह गामा रे बर्स्ट, ब्लैक होल, न्यूट्रॉन स्टार और दूसरी हाई एनर्जी अंतरिक्ष घटनाओं का अध्ययन करता है। दो दशक बाद भी यह वैज्ञानिकों के लिए बेहद उपयोगी बना हुआ है। नासा के अनुसार पूरे मिशन पर करीब 3 करोड़ डॉलर (लगभग 300 करोड़ रुपये) खर्च हुए हैं, जो नया टेलीस्कोप बनाने की तुलना में काफी कम है और भविष्य के ऐसे मिशनों का रास्ता भी खोल सकता है।

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