नासा के रोवर ने मंगल पर देखी अनोखी संरचना, जानिए क्यों है यह खास
क्या है खबर?
मंगल ग्रह पर मौजूद अंतरिक्ष एजेंसी नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने एक बेहद खास नजारा रिकॉर्ड किया है। रोवर ने वैले ग्रांडे नाम की घाटी में जमीन पर छत्ते जैसी आकृतियों का विशाल फैलाव देखा है। नासा के अनुसार, ये छोटे-छोटे बहुभुज आकार करीब 4 से 8 सेंटीमीटर चौड़े हैं। इस तरह का दृश्य पहले कभी इतने बड़े इलाके में नहीं देखा गया था। इसलिए इस खोज ने वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
निर्माण
कैसे बने होंगे ये निशान?
नासा के अनुसार, ये बहुभुज आकार कई प्राकृतिक प्रक्रियाओं से बने हो सकते हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि मिट्टी में पड़ने वाली दरारें, गर्म और ठंडे तापमान का लगातार बदलना, जमीन के भीतर बनने वाला दबाव और तलछट में मौजूद पानी इसके पीछे की वजह हो सकते हैं।
अब शोधकर्ता इन आकृतियों की बनावट और रासायनिक संरचना का विस्तार से अध्ययन कर रहे हैं, ताकि इनके बनने की सही वजह का पता लगाया जा सके।
खासियत
यह खोज क्यों मानी जा रही है खास?
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह के बहुभुज आकार पहले भी मंगल पर देखे गए हैं, लेकिन इस बार वे बहुत बड़े क्षेत्र में एक साथ मिले हैं।
रोवर की नजर जहां तक पहुंची, वहां तक यही आकृतियां फैली हुई दिखाई दीं। इसी वजह से वैज्ञानिकों ने इसे "बहुभुजों का समुद्र" बताया है।
उनका मानना है कि यह खोज मंगल ग्रह के पुराने वातावरण और वहां की सतह को बेहतर ढंग से समझने में अहम साबित हो सकती है।
तस्वीरें
कब ली गई थीं नई तस्वीरें?
नासा के अनुसार, क्यूरियोसिटी रोवर ने यह नई तस्वीरें 19 और 20 जून को अपने 4,930वें और 4,931वें मंगल दिवस (सोल) के दौरान रिकॉर्ड की थीं।
क्यूरियोसिटी रोवर 5 अगस्त, 2012 से मंगल ग्रह पर लगातार खोज कर रहा है। इस दौरान उसने सल्फर क्रिस्टल, उल्कापिंड और कई दूसरी भूगर्भीय संरचनाओं की भी जानकारी जुटाई है।
इन खोजों से वैज्ञानिकों को मंगल के पुराने वातावरण और वहां कभी जीवन के अनुकूल हालात रहे होने के अहम संकेत मिले हैं।