मंगल पर रिकॉर्ड दूरी तय करने वाले पर्सिवरेंस रोवर की क्या हैं प्रमुख उपलब्धियां?
क्या है खबर?
नासा के पर्सिवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह पर सबसे ज्यादा दूरी तय करने वाले रोवर का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 11 अक्टूबर, 2026 को इसकी कुल यात्रा 45.22 किलोमीटर पहुंच गई। इसने नासा के ऑपर्च्युनिटी रोवर का 45.16 किलोमीटर का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। फरवरी, 2021 में मंगल पर उतरने के 5 साल बाद पर्सिवरेंस ने यह उपलब्धि हासिल की है। यह रोवर मंगल पर जीवन के पुराने संकेतों की खोज और चट्टानों के अध्ययन में जुटा है।
लॉन्च
2020 में लॉन्च हुआ था पर्सिवरेंस
पर्सिवरेंस रोवर को नासा ने 30 जुलाई, 2020 को पृथ्वी से लॉन्च किया था।
यह करीब 7 महीने की यात्रा के बाद 18 फरवरी, 2021 को मंगल के जेजेरो क्रेटर में उतरा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य प्राचीन जीवन के संभावित संकेत खोजना, मंगल की चट्टानों का अध्ययन करना और भविष्य में पृथ्वी पर जांच के लिए नमूने जुटाना है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, जेजेरो क्रेटर में कभी झील और नदी का डेल्टा रहा होगा, इसलिए यह जगह खास है।
क्षमता
खुद रास्ता चुनने और कठिन जमीन पर चलने की क्षमता
पर्सिवरेंस की बड़ी उपलब्धियों में मंगल की ऊबड़-खाबड़ सतह पर खुद रास्ता चुनकर आगे बढ़ना शामिल है।
इसमें ऑटोनैव तकनीक लगी है, जो आसपास की जमीन का आकलन करके सुरक्षित रास्ता तय करने में मदद करती है। रोवर की कुल यात्रा का 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा इस तकनीक की मदद से पूरा हुआ है।
इससे पृथ्वी से हर छोटी गतिविधि के निर्देश भेजने की जरूरत घटती है और रोवर कम समय में ज्यादा इलाके की खोज कर सकता है।
उपलब्धियां
चट्टानों के नमूने जुटाए, पुराने जीवन के संकेत तलाशे
पर्सिवरेंस अब तक मंगल की चट्टानों और रेगोलिथ यानी सतह पर मौजूद ढीली मिट्टी व पत्थरों के 29 नमूने जुटा चुका है।
ये नमूने क्रेटर की सतह, पुराने नदी डेल्टा और उसके किनारे जैसे अलग-अलग इलाकों से लिए गए हैं। रोवर ने चट्टानों की बनावट और रासायनिक संरचना का अध्ययन भी किया है।
इन नमूनों से वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मंगल पर कभी सूक्ष्म जीवों के रहने के लिए अनुकूल परिस्थितियां थीं या नहीं।
अन्य उपलब्धियां
मंगल की खोज में कई अहम काम कर चुका है रोवर
पर्सिवरेंस ने मंगल की सतह की तस्वीरें लेने, चट्टानों का अध्ययन करने और वहां के वातावरण से जुड़ा डाटा जुटाने में अहम भूमिका निभाई है।
इसके साथ भेजे गए छोटे हेलिकॉप्टर इंजेन्यूटी ने दूसरे ग्रह पर संचालित विमान की पहली नियंत्रित उड़ानें भरकर इतिहास बनाया था। पर्सिवरेंस के मिशन से मिले आंकड़े मंगल के भूगर्भीय इतिहास और भविष्य के मानव अभियानों की तैयारी में मदद कर रहे हैं।
अब रोवर क्रेटर के किनारे के इलाकों में जाकर खोज करेगा।