AI की मदद से नासा ने ब्रह्मांड के सैकड़ों रहस्यों को किया उजागर
क्या है खबर?
अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से ब्रह्मांड के करीब 100 से ज्यादा रहस्यों को उजागर किया है। वैज्ञानिकों ने हबल स्पेस टेलीस्कोप के पुराने डाटा का विश्लेषण करने के लिए नई AI तकनीक का इस्तेमाल किया। इस तकनीक से लाखों अंतरिक्ष तस्वीरों को बहुत कम समय में जांचा गया, जिससे कई दुर्लभ और पहले न देखी गई खगोलीय घटनाओं की पहचान संभव हो सकी, जो वर्षों से छिपी हुई थीं।
आकाशगंगाएं
हबल डाटा से मिलीं अजीब और दुर्लभ आकाशगंगाएं
AI सिस्टम ने हबल लिगेसी आर्काइव की लगभग 10 करोड़ तस्वीरों का अध्ययन किया। इसमें 1,300 से ज्यादा अजीब खगोलीय वस्तुएं सामने आईं, जिनमें से 800 से ज्यादा पहले कभी दर्ज नहीं की गई थीं। इनमें आपस में टकराती आकाशगंगाएं, लंबी गैस धाराएं, रिंग जैसी गैलेक्सी और जेलीफिश जैसी बनावट वाली गैलेक्सी शामिल हैं, जो अंतरिक्ष की जटिल संरचना, गति और विकास को बेहतर तरीके से समझने में वैज्ञानिकों की मदद कर रही हैं।
तेज खोज
एनोमलीमैच AI टूल से तेज खोज संभव
यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) के वैज्ञानिकों ने 'एनोमलीमैच' नाम का AI टूल तैयार किया, जो इंसानों की तुलना में कहीं तेजी से तस्वीरों में असामान्य पैटर्न पहचान सकता है। यह न्यूरल नेटवर्क इंसानी दिमाग की तरह दृश्य जानकारी को समझता है। AI द्वारा चिन्हित की गई वस्तुओं को बाद में वैज्ञानिकों ने मैन्युअल रूप से जांचा और सैकड़ों वास्तविक खगोलीय गड़बड़ियों की पुष्टि की गई, जिससे रिसर्च और आसान हुई।
भविष्य
भविष्य के मिशनों में AI की अहम भूमिका
वैज्ञानिकों का कहना है कि AI भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए बहुत ज्यादा जरूरी होगा। आने वाले रोमन स्पेस टेलीस्कोप, यूक्लिड मिशन और वेरा रुबिन ऑब्जर्वेटरी से भारी मात्रा में डाटा आएगा। इतनी जानकारी को समझने के लिए AI टूल्स जरूरी होंगे। हबल स्पेस टेलीस्कोप पिछले 35 वर्षों से ब्रह्मांड को समझने में मदद कर रहा है और अब AI इसकी वैज्ञानिक क्षमता को और बढ़ा रहा है, जिससे नई खोजें तेज होंगी।