आर्टेमिस II मिशन: चंद्रमा के क्षेत्र में पहुंचा ओरियन अंतरिक्ष यान, अंतरिक्ष यात्री कल लगाएंगे चक्कर
क्या है खबर?
अंतरिक्ष एजेंसी नासा के आर्टेमिस II मिशन के तहत ओरियन अंतरिक्ष यान तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। यह अब पृथ्वी के अंतरिक्ष क्षेत्र से आगे निकल चंद्रमा के क्षेत्र में पहुंच चुका है, जहां अब उस पर पृथ्वी के बजाय चांद की ग्रेविटी का असर ज्यादा हो गया है। यह बदलाव लगभग 39,000 मील की दूरी पर हुआ, जो मिशन के लिए एक अहम और महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
दूरी
रिकॉर्ड दूरी तय करने की ओर बढ़ रहा क्रू
इस मिशन में शामिल चार अंतरिक्ष यात्री जल्द ही एक नया इतिहास रचने वाले हैं। कमांडर रीड वाइजमैन, क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर और जेरेमी हैनसेन पृथ्वी से करीब 252,757 मील दूर पहुंचेंगे। यह दूरी अपोलो 13 मिशन के पुराने रिकॉर्ड से लगभग 4,000 मील ज्यादा होगी। यह 1972 के बाद पहली बार है जब इंसान चांद के इतने करीब पहुंचकर उसकी परिक्रमा करेंगे और नया रिकॉर्ड बनाएंगे। इस परिक्रमा के दौरान अंतरिक्ष यात्री महत्वपूर्ण डाटा इक्कठा करेंगे।
तैयारी
फ्लाईबाई से पहले की गई खास तैयारी
क्रू ने चांद के पास से गुजरने से पहले कई जरूरी तैयारियां पूरी की हैं। इसमें मैनुअल पायलटिंग का अभ्यास, छह घंटे के ऑब्जर्वेशन प्लान की समीक्षा और स्पेस सूट की जांच शामिल रही। ये सूट इमरजेंसी में लाइफ सपोर्ट देने के लिए बहुत जरूरी होते हैं। इसके साथ ही अंतरिक्ष यात्रियों ने ओरियन की खिड़कियों से धरती के सुंदर नजारों का भी आनंद लिया, जिसकी तस्वीरें नासा ने साझा की हैं।
नजारा
चांद के पास मिलेगा खास नजारा और अनुभव
ओरियन अंतरिक्ष यान चांद के सबसे करीब लगभग 4,066 मील की दूरी तक पहुंचेगा। इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की पूरी सतह एक साथ देखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, वे एक खास सूर्य ग्रहण भी देखेंगे, जब चांद सूरज को पूरी तरह से ढक लेगा। कुछ समय के लिए अंतरिक्ष यान का पृथ्वी से संपर्क भी टूट जाएगा, जो मिशन का सामान्य लेकिन अहम हिस्सा माना जाता है।