आर्टेमिस II मिशन: चांद का चक्कर लगाकर पृथ्वी की ओर लौट रहे हैं अंतरिक्ष यात्री
क्या है खबर?
अंतरिक्ष एजेंसी नासा का आर्टेमिस II मिशन चांद के दूसरी तरफ का चक्कर पूरा कर अब सुरक्षित तरीके से पृथ्वी की ओर लौट रहा है। यह मिशन 50 साल बाद इंसानों को चांद तक ले जाने वाला पहला बड़ा मिशन माना जा रहा है। ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार चार अंतरिक्ष यात्रियों ने सफल फ्लाईबाय पूरा किया। यह मिशन के लिए बेहद अहम चरण है और अब पूरी दुनिया की नजर इसकी सुरक्षित वापसी पर बनी हुई है।
उपलब्धियां
नया रिकॉर्ड और अहम उपलब्धियां
इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने अपोलो 13 का पुराना दूरी रिकॉर्ड पार करते हुए पृथ्वी से करीब 252,756 मील की दूरी तय की। चांद के सबसे करीब स्पेसक्राफ्ट लगभग 4,067 मील तक पहुंचा। इसी दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने 'अर्थराइज' का शानदार नजारा देखा और करीब एक घंटे तक चला दुर्लभ सूर्य ग्रहण भी देखा, जिसने इस मिशन को और भी खास और यादगार बना दिया।
अध्ययन
वैज्ञानिक अध्ययन और खास अवलोकन
फ्लाईबाय के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद की सतह के कई अहम हिस्सों का गहराई से अध्ययन किया। वैज्ञानिकों ने पहले से करीब 35 खास स्थान चिन्हित किए थे, जिनकी तस्वीरें और जानकारी क्रू ने मिशन कंट्रोल को भेजी। इस दौरान चांद के रंग, सतह की बनावट और खनिज संरचना को समझने की कोशिश की गई। यह जानकारी भविष्य के चांद मिशनों, खासकर लैंडिंग और रिसर्च के लिए बहुत अहम मानी जा रही है।
लक्ष्य
अब वापसी की तैयारी और आगे का लक्ष्य
अब आर्टेमिस II मिशन धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर लौट रहा है और 10 अप्रैल को इसके समुद्र में सुरक्षित उतरने की योजना बनाई गई है। इस मिशन में स्पेसक्राफ्ट के कई सिस्टम, जैसे लाइफ सपोर्ट, नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम की भी सफल टेस्टिंग की गई। यह पूरा मिशन भविष्य में इंसानों को चांद पर उतारने और आगे मंगल मिशन की तैयारी का एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।