मुंबई की कैक्टस कंपनी को सरकार के लिए AI टेंडर प्लेटफॉर्म बनाने का मिला ठेका
क्या है खबर?
मुंबई की कैक्टस टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के NeGD AI-बेस्ड प्रोक्योरमेंट ऑथरिंग प्लेटफॉर्म प्रोजेक्ट का ठेका मिला है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म तैयार करेगी, जो सरकारी विभागों को खरीद प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज बनाने, उनकी जांच करने और उन्हें अंतिम रूप देने में मदद करेगा। इससे सरकारी कामकाज की रफ्तार बढ़ेगी, समय की बचत होगी और पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक प्रभावी बनेगी।
बोली
सबसे कम बोली लगाकर जीता ठेका
इस परियोजना के लिए कई कंपनियों ने आवेदन किया था, लेकिन अंतिम चरण में कैक्टस और किंड्रिल ही पहुंच सके। गुणवत्ता और लागत के आधार पर हुए मूल्यांकन में कैक्टस को 100 अंक मिले, जबकि किंड्रिल को 85.36 अंक हासिल हुए। कंपनी ने 2.27 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली लगाई, जबकि किंड्रिल की बोली 2.86 करोड़ रुपये थी। इसके बाद यह सरकारी ठेका कैक्टस टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस को सौंप दिया गया।
योजना
क्या है योजना और इसका उद्देश्य?
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) की इस योजना का उद्देश्य सरकारी खरीद प्रक्रिया को पहले से अधिक तेज, आसान और पारदर्शी बनाना है। AI आधारित यह प्लेटफॉर्म अधिकारियों को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP), रिक्वेस्ट फॉर कोटेशन (RFQ), एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) और अन्य खरीद संबंधी दस्तावेज तैयार करने में मदद करेगा। इससे दस्तावेज बनाने में कम समय लगेगा, काम में एकरूपता आएगी और गलतियों की संभावना भी पहले से काफी कम होगी।
सुरक्षा
सुरक्षा और पारदर्शिता पर रहेगा जोर
ठेका मिलने के बाद कैक्टस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अखिलेश अय्यर ने कहा कि यह परियोजना सरकारी खरीद प्रक्रिया में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने का अच्छा अवसर है। उन्होंने बताया कि प्लेटफॉर्म को मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ तैयार किया जाएगा। इसमें AI की मदद ली जाएगी, लेकिन पूरी प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों की निगरानी बनी रहेगी। इससे तकनीक और मानवीय निर्णय दोनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।