मूनशॉट ने नए किमी मॉडल में हैकिंग क्षमता को किया सीमित, जानिए क्या है वजह
क्या है खबर?
चीनी स्टार्टअप मूनशॉट ने अपने नवीनतम मॉडल की साइबर हमले की क्षमताओं को कम करने की घोषणा की है। यह कदम बढ़ते ऑटोनॉमस वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण हैकिंग में तेजी आने की आशंकाएं बढ़ने के कारण उठाया गया है। स्टार्टअप ने किमि K3.1 प्रो को पेश करते हुए इन सीमाओं की घोषणा की, जिसे AI कंपनी अपना सबसे सक्षम 3,000-अरब पैरामीटर-क्लास ओपन-वेट मॉडल बताती है। 4 नवंबर तक मॉडल के वेट्स प्रकाशित करने की योजना है।
बदलाव
साइबर संबंधी डाटा हटाया
मूनशॉट ने बताया कि उसने मॉडल को विकसित करने के लिए इस्तेमाल किए गए ट्रेनिंग कॉर्पस और रीइंफोर्समेंट-लर्निंग वातावरण से साइबर-संबंधी डाटा हटा दिया है, जबकि सामान्य कोडिंग कौशल को बरकरार रखा है।
कंपनी ने कहा, "हम ऐसे ओपन वेट्स जारी नहीं करना चाहते, जो साइबर क्षमताओं की सीमाओं को और आगे बढ़ा दें।" कंपनी ने कहा कि ओपन-वेट मॉडल सुरक्षा बेहतर बना सकते हैं।
कई संगठनों को अपने सॉफ्टवेयर की जांच करने और सुरक्षित बनाने में मदद करते हैं।
प्रदर्शन
बेंचमार्क टेस्ट में कैसा रहा प्रदर्शन?
कंपनी ने बताया कि K3.1 प्रो ने अपने इंटरनल साइबर बेंचमार्क पर 81 फीसदी स्कोर किया, जबकि जोखिम कम करने वाले उपायों के बिना इसी तरह के एक अन्य वर्जन ने 90.5 फीसदी स्कोर किया।
इस टेस्ट में एक नियंत्रित वातावरण के भीतर सॉफ्टवेयर की कमियों को खोजना और उनका फायदा उठाना शामिल था।
मूनशॉट ने कहा कि तुलना से पता चलता है कि साइबर से जुड़े डाटा को फिल्टर करने से मॉडल की आक्रामक साइबर क्षमता कम हो गई।