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MIT ने बनाया अनोखा रोबोट, हवा और पानी दोनों में करेगा काम
MIT ने बनाया उड़ने और तैरने वाला अनोखा रोबोट

MIT ने बनाया अनोखा रोबोट, हवा और पानी दोनों में करेगा काम

Aug 06, 2026
04:10 pm

क्या है खबर?

अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) की एक लैब ने ऐसा हल्का रोबोट तैयार किया है, जो हवा में उड़ने के साथ पानी के अंदर भी आसानी से तैर सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में इसका उपयोग समुद्र की निगरानी, वैज्ञानिक शोध और समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा में किया जा सकेगा। यह रोबोट पक्षियों से प्रेरित तकनीक पर बनाया गया है और कई खास खूबियों से लैस है।

प्रेरणा

पक्षियों से मिली रोबोट बनाने की प्रेरणा

इस रोबोट को बनाने वाली टीम ने पेट्रेल, पफिन और दूसरे गोता लगाने वाले पक्षियों का लंबे समय तक अध्ययन किया।

इन्हीं पक्षियों के उड़ने, तैरने और पानी में गोता लगाने के तरीके को आधार बनाकर यह रोबोट तैयार किया गया।

इसका वजन करीब 250 ग्राम है और इसमें बैटरी से चलने वाली मोटर, नायलॉन के पंख तथा विशेष कोटिंग वाली पूंछ लगाई गई है, जिससे यह दोनों जगह आसानी से काम कर सके और बेहतर संतुलन बनाए रख सके।

काम

हवा और पानी दोनों में करता है काम

यह रोबोट हवा में करीब 6 मीटर प्रति सेकंड और पानी के अंदर लगभग 1 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से चल सकता है।

यह अपने आसपास के माहौल को अलग-अलग पहचानने के बजाय तय प्रोग्राम के अनुसार काम करता है। वैज्ञानिकों ने इसे पानी की टंकी और स्विट्जरलैंड की जिनेवा झील में सफलतापूर्वक परखा।

भविष्य में इसका उपयोग समुद्र से नमूने जुटाने, समुद्री जीवों की निगरानी और पर्यावरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा करने में किया जा सकता है।

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कीमत

सिर्फ 300 डॉलर में तैयार हुआ रोबोट

वैज्ञानिकों के अनुसार, इस रोबोट को बनाने में करीब 300 डॉलर (लगभग 26,000 रुपये) का खर्च आया है।

बेहतर मोटर और ज्यादा मजबूत डिजाइन के साथ भी इसकी लागत करीब 1,000 डॉलर तक रहने का अनुमान है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि कम कीमत होने के कारण यह समुद्री शोध संस्थानों और वैज्ञानिकों के लिए किफायती विकल्प साबित हो सकता है तथा बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा सकेगा और अनुसंधान का खर्च भी कम करेगा।

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भविष्य

भविष्य में और बेहतर बनाने की तैयारी

शोधकर्ताओं का कहना है कि अभी इस रोबोट को और बेहतर बनाने पर काम चल रहा है।

भविष्य में इसे पूरी तरह स्वचालित मिशनों, समुद्री नमूने जुटाने, खतरनाक इलाकों की जांच और वन्यजीवों की निगरानी के लिए कैमरों के साथ इस्तेमाल किया जा सकेगा।

टीम ने आगे की टेस्टिंग के लिए नई लैब और बड़ी पानी की टंकी भी तैयार कर ली है, ताकि इसकी क्षमता को और बढ़ाया जा सके और इसे वास्तविक समुद्री परिस्थितियों में सफल बना सकें।

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