माइक्रोसॉफ्ट ने AI के बढ़ते खर्चे पर लगाई लगाम
कंपनी के भीतर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से जो खर्च बढ़ रहा है, उसे नियंत्रित करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने नए नियम बनाए हैं। अब कंपनी के कर्मचारियों को डैशबोर्ड दिए जाएंगे, जिनकी मदद से वे अपने AI टोकन के खर्च पर नजर रख पाएंगे।
साथ ही, हर विभाग के लिए अलग से AI टोकन का बजट भी तय किया गया है। कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय परीख ने एक ईमेल में इन बदलावों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इनका मकसद काम में और ज्यादा पारदर्शिता लाना और बेहतर नियंत्रण बनाना है।
आंतरिक प्रोजेक्ट्स के लिए हो रहा GPT-5.6 का इस्तेमाल
जय परीख ने साफ किया कि माइक्रोसॉफ्ट AI के इस्तेमाल को कम नहीं करना चाहता, बल्कि वे हर टोकन से ज्यादा असर चाहते हैं।
हालांकि, 2022 के आखिर से टोकन के दाम काफी गिरे हैं, लेकिन कुल खर्च 3 गुना बढ़ गए हैं। इसकी वजह यह है कि इंजीनियर गिटहब कोपायलट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रहे हैं।
इसी को देखते हुए, कंपनी ने OpenAI का सस्ता GPT-5.6 मॉडल आंतरिक प्रोजेक्ट्स के लिए डिफॉल्ट बना दिया है।
जरूरत पड़ने पर कंपनी और भी पाबंदियां लगा सकती है, ठीक वैसे ही जैसे अमेजन और मेटा अपने AI से जुड़े खर्चों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रहे हैं।