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अंतरिक्ष तक नहीं पहुंच सके कई भारतीय व्यंजन, शुभांशु शुक्ला ने बताया क्यों नहीं मिली अनुमति?
अंतरिक्ष तक नहीं पहुंच सके कई भारतीय व्यंजन

अंतरिक्ष तक नहीं पहुंच सके कई भारतीय व्यंजन, शुभांशु शुक्ला ने बताया क्यों नहीं मिली अनुमति?

Jul 23, 2026
08:05 pm

क्या है खबर?

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने उद्यमी राज शामानी के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) के मिशन के लिए भारतीय खाने का बड़ा मेन्यू तैयार किया गया था। गगनयान मिशन को ध्यान में रखते हुए DFRL ने कई पारंपरिक भारतीय व्यंजन बनाए, ताकि भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों को भी घर जैसा खाना मिल सके। हालांकि, अंतरिक्ष के सख्त नियमों और कई स्तर की जांच के कारण सभी व्यंजनों को उड़ान की मंजूरी नहीं मिली।

मंजूरी

इन तीन भारतीय व्यंजनों को मिली उड़ान की मंजूरी

शुभांशु ने बताया कि नासा की तरफ से जांच पूरी होने के बाद केवल गाजर का हलवा, मूंग दाल का हलवा और आमरस को ही अंतरिक्ष में ले जाने की मंजूरी मिली।

वहीं खिचड़ी, पुलाव, सब्जियां और कई दूसरे भारतीय व्यंजन सभी जरूरी परीक्षण पूरे नहीं कर पाए, इसलिए उन्हें मिशन का हिस्सा नहीं बनाया गया।

मंजूर किए गए तीनों व्यंजनों को अंतरिक्ष यात्रा के लिए सबसे सुरक्षित माना गया।

वजह

खिचड़ी, पुलाव और सब्जियां क्यों हो गए रिजेक्ट?

शुभांशु के मुताबिक, खिचड़ी, पुलाव, सब्जियां और दूसरे व्यंजन किसी खराबी की वजह से रिजेक्ट नहीं हुए।

उन्हें अंतरिक्ष के लिए जरूरी सभी परीक्षण पूरे करने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।

अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले खाने को महीनों तक बिना फ्रिज के सुरक्षित रहना, पोषण बनाए रखना, सूक्ष्म जीवों से मुक्त होना और लॉन्च के दौरान लगने वाले झटकों को सहने जैसी कई कठिन जांच से गुजरना पड़ता है।

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मेन्यू

भविष्य में बढ़ेगा भारतीय अंतरिक्ष भोजन का मेन्यू

शुभांशु ने बताया कि मंजूर हुए तीनों भारतीय व्यंजन उन्होंने खुद नहीं खाए, क्योंकि उन्हें अपने साथ मौजूद दूसरे अंतरिक्ष यात्रियों के साथ साझा किया गया था।

सभी को उनका स्वाद काफी पसंद आया।

उन्होंने कहा कि इस पूरे अनुभव से DFRL को भविष्य में और अधिक भारतीय व्यंजनों को अंतरिक्ष के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी, जिससे गगनयान मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों को घर जैसा स्वाद मिल सके।

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