AI कॉपीराइट विवाद में बड़ा फैसला, एंथ्रोपिक के 150 अरब रुपये के समझौते को मंजूरी
क्या है खबर?
अमेरिका में AI कंपनी एंथ्रोपिक से जुड़े बड़े कॉपीराइट विवाद में 1.5 अरब डॉलर (लगभग 150 अरब रुपये) के समझौते को अदालत ने मंजूरी दे दी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला लेखकों के एक समूह ने दायर किया था। आरोप था कि कंपनी ने उनकी किताबों का इस्तेमाल अपने AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए किया। अमेरिकी अदालत ने समझौते को मंजूरी देते हुए इसे अमेरिका के सबसे बड़े कॉपीराइट समझौतों में से एक माना है।
मामला
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2024 में दायर किया गया था।
लेखकों का आरोप था कि एंथ्रोपिक ने बिना अनुमति उनकी किताबों की पायरेटेड प्रतियों का इस्तेमाल अपने क्लाउड AI चैटबॉट को प्रशिक्षित करने में किया। दावा किया गया कि कंपनी के पास लाखों पायरेटेड किताबों का संग्रह था।
हालांकि, पहले एक अदालत ने कहा था कि AI प्रशिक्षण के लिए कॉपीराइट सामग्री का इस्तेमाल कुछ मामलों में फेयर यूज माना जा सकता है, लेकिन कुछ पहलुओं पर जिम्मेदारी भी तय की गई।
बयान
लेखकों और अदालत ने क्या कहा?
एंथ्रोपिक ने कहा कि अदालत के पहले के फैसले के बाद ही कंपनी समझौते पर पहुंची थी।
कंपनी के अनुसार, समझौते में शामिल 91 प्रतिशत से अधिक लेखक और प्रकाशक अपना भुगतान लेने के लिए आगे आए हैं। वहीं, लेखकों की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा कॉपीराइट समझौता बताया।
अदालत ने समझौते के खिलाफ दायर आपत्तियों को भी खारिज कर दिया, और समझौते को उचित तथा संतुलित फैसला माना है।
अन्य
अब भी अलग से लड़ रहे हैं कुछ लेखक
सभी लेखक और प्रकाशक इस समझौते से सहमत नहीं हुए।
कुछ लोगों ने समझौते से बाहर रहकर कंपनी के खिलाफ अलग-अलग कॉपीराइट मुकदमे जारी रखने का फैसला किया है। अदालत ने वकीलों की फीस को भी मंजूरी दी और कहा कि समझौता मामले के जोखिम और संभावित परिणामों को देखते हुए उचित है।
इससे AI कंपनियों और कॉपीराइट विवादों से जुड़े मामलों पर आगे भी असर पड़ सकता है और भविष्य के मुकदमों की दिशा भी तय हो सकती है।