कर्नाटक में बनेगा देश का खास ड्रोन टेस्टिंग हब, 42.8 करोड़ रुपये होंगे खर्च
क्या है खबर?
ड्रोन टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल के बीच कर्नाटक ने इस क्षेत्र में बड़ी तैयारी शुरू की है। राज्य के चिक्काबल्लापुरा जिले में नया ड्रोन टेस्टिंग हब बनाया जाएगा। इसका मकसद कंपनियों और स्टार्टअप्स को अपने ड्रोन की उड़ान और तकनीक जांचने के लिए बेहतर जगह देना है। इससे ड्रोन से जुड़े नए प्रोडक्ट तैयार करने, उनकी टेस्टिंग करने और उन्हें बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
टेस्टिंग
यहां होगी ड्रोन की अलग-अलग टेस्टिंग
यह टेस्टिंग हब चिंतामणि तालुक के जीदाराहल्ली गांव में बनाया जाएगा। यहां ड्रोन की अलग-अलग परिस्थितियों में उड़ान जांचने के साथ सुरक्षा और क्षमता से जुड़े परीक्षण भी किए जाएंगे।
खास तौर पर BVLOS यानी बिना ड्रोन को सीधे नजर में रखे उड़ाने वाले ऑपरेशन की टेस्टिंग हो सकेगी। इसके अलावा उड़ान की अवधि, सर्टिफिकेशन और दूसरे तकनीकी मानकों की जांच के लिए सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इससे कंपनियों को अपने ड्रोन सिस्टम को बेहतर और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
लागत
42.8 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा हब
सरकार इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 42.8 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
हब में ड्रोन के लिए खास रनवे और अलग एयरस्पेस तैयार किया जाएगा, ताकि उड़ान परीक्षण सुरक्षित तरीके से किए जा सकें। यहां नए एरियल सिस्टम्स की टेस्टिंग और वैलिडेशन के लिए जरूरी ढांचा मौजूद रहेगा।
इस सुविधा के जरिए किसी ड्रोन को लैब में तैयार करने के बाद वास्तविक उड़ान परीक्षण तक ले जाना आसान होगा। इससे व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए तैयार करने में लगने वाला समय बचेगा।
फायदा
स्टार्टअप्स से लेकर डिफेंस तक फायदा
इस प्रोजेक्ट के लिए ड्रोन फेडरेशन इंडिया इम्प्लीमेंटेशन पार्टनर के तौर पर काम करेगा।
टेस्टिंग हब से ड्रोन स्टार्टअप्स, मैन्युफैक्चरर्स, रिसर्चर्स, डिफेंस यूजर्स और दूसरी कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार का कहना है कि इससे इनोवेटर्स को अपने उत्पादों को विकसित करने और बाजार तक पहुंचाने के लिए जरूरी सुविधा मिलेगी।
साथ ही, कर्नाटक में ड्रोन टेक्नोलॉजी और एयर मोबिलिटी से जुड़े नए समाधान विकसित हो सकते हैं।