मार्क जुकरबर्ग के नाम पर शिक्षिका से 1.57 करोड़ रुपये की ठगी, जानिए कैसे रहें सुरक्षित
क्या है खबर?
साइबर अपराधी लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर से हाल ही में साइबर अपराध का एक नया मामला सामने आया है, जहां जालसाजों ने मार्क जुकरबर्ग के नाम पर 1.50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली। चकेरी इलाके की एक सेवानिवृत्त शिक्षिका को इस तरह निशाना बनाया गया। यह ठगी कई महीनों तक चलती रही और महिला को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
ठगी
फर्जी प्रोफाइल से शुरू हुआ पूरा खेल
इस ठगी की शुरुआत फेसबुक पर 'मार्क जुकरबर्ग' नाम से आई फ्रेंड रिक्वेस्ट से हुई थी। जालसाजों ने खुद को फेसबुक का मालिक बताकर भरोसा जीता और भारत में स्कूल खोलने का झांसा दिया। उसने निवेश पर मोटा फायदा और नौकरी का लालच दिया, जिससे महिला इसके झांसे में आ गईं। इसके बाद जालसाज ने धीरे-धीरे उनसे पैसे मांगना शुरू किया और उन्हें निवेश के नाम पर भरोसे में बनाए रखा।
ठगी
टैक्स और फीस के नाम पर बार-बार पैसे ऐंठे
महिला से प्रोसेसिंग फीस, टैक्स, स्टांप ड्यूटी और अन्य चार्ज के नाम पर 60 से ज्यादा बार पैसे ट्रांसफर कराए गए। जब उन्हें शक हुआ, तो ठगों ने अलग-अलग नाम और पहचान बनाकर उन्हें फिर से बहला दिया। यहां तक कि एक व्यक्ति ने खुद को साइबर पुलिस अधिकारी बताकर पैसे वापस दिलाने का झांसा दिया और और पैसे ले लिए। अंत में महिला से कुल 1.57 करोड़ रुपये की ठगी हो गई।
सुरक्षा
ऐसे साइबर ठगी से कैसे रहें सुरक्षित?
इस तरह के मामलों से बचने के लिए लोगों को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सावधान रहना चाहिए। किसी भी बड़े निवेश या ऑफर पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए और पहले पूरी जांच करनी चाहिए। सरकारी अधिकारी या बड़ी कंपनियां कभी भी सोशल मीडिया के जरिए पैसे नहीं मांगती हैं। अगर कोई संदेहास्पद गतिविधि दिखे, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस में शिकायत करनी चाहिए, ताकि समय रहते नुकसान रोका जा सके।