जैक डॉर्सी की कंपनी ने बनाया इंसानों की तरह बात करने वाला मॉडल, जानिए इसकी खासियत
क्या है खबर?
ट्विटर (अब एक्स) के सह संस्थापक जैक डॉर्सी ने डेसा नाम का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल पेश किया है। यह किसी भी लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) पर आधारित नहीं है। इसके बजाय इसे इंसानों के बीच होने वाली 'स्पीच-टू-स्पीच' (बोलकर की जाने वाली) बातचीत के जरिए ट्रेन किया है। ज्यादातर पारंपरिक वॉयस AI मॉडल (ChatGPT और जेमिनी) जवाब देने से पहले आपकी आवाज को टेक्स्ट में बदलते हैं। इसमें कई जानकारी को टेक्स्ट के जरिए नहीं दिखाया जा सकता।
प्रशिक्षण
इंसानी बातचीत से किया जाता है प्रशिक्षित
डॉर्सी की कंपनी ब्लॉक की एक छोटी AI रिसर्च लैब द्वारा विकसित यह सिस्टम टेक्स्ट पढ़ने के बजाय इंसानी बातचीत सुनकर भाषा सीखता है।
टीम का कहना है कि यह इंसानों की तरह स्वाभाविक और रियल-टाइम बातचीत कर सकता है। यह बिना इंटरनेट कनेक्शन के मैकबुक प्रो M4 मैक्स या उससे बेहतर मशीन पर लोकल स्तर पर काम करता है।
टीम ने वेबसाइट और एक्स पर डेसा की इंसानों के साथ बातचीत के कई नमूने भी जारी किए।
भावना
भावनाओं को भी व्यक्त करता है यह माॅडल
पारंपरिक वॉयस असिस्टेंट के विपरीत, जो जवाब देने से पहले आपके बोलने के खत्म होने का इंतज़ार करते हैं, डेसा एक ही समय में सुन और बोल सकता है। इसे 'फुल-डुप्लेक्स' स्पीच-टू-स्पीच तकनीक कहा जाता है।
यह बातचीत के बीच में स्वाभाविक रूप से बोल सकता है, 'हां' या 'समझ गया' जैसी छोटी प्रतिक्रियाएं दे सकता है।
टीम का कहना है कि डेसा भावनाओं, व्यंग्य और आवाज के लहजे में होने वाले बदलावों को पहचान सकता है।