ISRO अगले हफ्ते PSLV-C62 मिशन करेगा लॉन्च, पर्यावरण की निगरानी में मिलेगी मदद
क्या है खबर?
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अगले हफ्ते 12 जनवरी को अपने PSLV-C62 मिशन को लॉन्च करने वाला है। यह लॉन्च सुबह 10:17 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर के फर्स्ट लॉन्च पैड से किया जाएगा। ISRO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए इसकी जानकारी दी है। संगठन के मुताबिक इस मिशन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और लॉन्च तय समय के अनुसार किया जाएगा।
मिशन
क्या है PSLV-C62 का मुख्य उद्देश्य?
PSLV-C62 मिशन का मुख्य पेलोड EOS-N1 सैटेलाइट है। यह एक हाइपरस्पेक्ट्रल अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है, जिसे पर्यावरण की निगरानी के लिए तैयार किया गया है। यह सैटेलाइट पेड़-पौधों की स्थिति, मिट्टी की बनावट, पानी की गुणवत्ता और जलवायु बदलाव से जुड़े संकेतों का बारीक अध्ययन करेगा। इससे आपदा प्रबंधन, खेती और प्राकृतिक संसाधनों की मैपिंग में देश को बड़ी मदद मिलेगी, साथ ही नीति निर्माण और वैज्ञानिक रिसर्च को भी मजबूती मिलेगी।
पेलोड
सेकेंडरी पेलोड और PSLV की ताकत
EOS-N1 के साथ इस मिशन में 18 सेकेंडरी पेलोड भी अंतरिक्ष भेजे जाएंगे, जिसमें कई अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के छोटे सैटेलाइट शामिल हैं। यह मिशन PSLV की कम लागत और भरोसेमंद क्षमता को दिखाता है। पिछले 63 लॉन्च में PSLV की सफलता दर 90 प्रतिशत से ज्यादा रही है। PSLV-C62 कोर-अलोन कॉन्फिगरेशन में उड़ान भरेगा, जिसे लो अर्थ ऑर्बिट में सैटेलाइट भेजने के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है।
अन्य
हालिया सफल मिशन और आगे की तैयारी
ISRO ने हाल ही में 24 दिसंबर को अमेरिका की AST स्पेसमोबाइल कंपनी के लिए ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 कम्युनिकेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। यह अंतरिक्ष मिशन LVM3 रॉकेट लॉन्च से किया गया था। यह सैटेलाइट दुनियाभर में स्मार्टफोन को सीधे हाई-स्पीड नेटवर्क देने के लिए बना है। ISRO ने आम लोगों के लिए लॉन्च देखने की सुविधा भी दी है, जिसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।