इजरायल पर ईरान का साइबर हमला जारी, क्या निशाना बना रहे हैं हैकर्स?
क्या है खबर?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब साइबर मोर्चे पर भी हमले तेज हो गए हैं। इजरायली अधिकारियों का दावा है कि ईरान से जुड़े हैकर लगातार साइबर हमले कर रहे हैं। जून 2025 में जहां करीब 1,600 साइबर घटनाएं दर्ज हुई थीं, वहीं जून, 2026 में इनकी संख्या बढ़कर लगभग 4,800 तक पहुंच गई। इससे इजरायल की साइबर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क बनी हुई हैं।
निशाना
हैकर्स किन संस्थानों को बना रहे हैं निशाना?
इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, हैकर जरूरी बुनियादी ढांचे, सरकारी संस्थानों, छोटे और मझोले कारोबार, लॉ फर्म, अकाउंटिंग फर्म और आम नागरिकों के डिजिटल सिस्टम को निशाना बना रहे हैं। उनका उद्देश्य महत्वपूर्ण सेवाओं को प्रभावित करना और संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाना बताया जा रहा है। हालांकि, इजरायल का कहना है कि अब तक वह अपने अहम बुनियादी ढांचे को बड़े साइबर हमलों से सुरक्षित रखने में सफल रहा है।
AI
AI की मदद से और खतरनाक हुए साइबर हमले
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान से जुड़े हैकर कथित तौर पर ChatGPT, जेमिनी और दूसरे AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनकी मदद से फिशिंग संदेश, नकली ऑनलाइन पहचान और मालवेयर तैयार किए जा रहे हैं। पहले लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश की जाती है, फिर उन्हें फर्जी लिंक या गलत अनुरोध भेजकर साइबर जाल में फंसाया जाता है। इससे साइबर हमलों का खतरा पहले के मुकाबले काफी बढ़ गया है।
अन्य
साइबर जंग के साथ ऑनलाइन प्रचार भी जारी
साइबर हमलों के अलावा ऑनलाइन प्रचार अभियान भी तेज हो गए हैं। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान से जुड़े कुछ समूह सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म के जरिए प्रचार सामग्री भी फैला रहे हैं। दूसरी ओर, ईरान ने दूसरे देशों पर साइबर हमले करने के आरोपों से इनकार किया है। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच साइबर मोर्चे पर तनाव लगातार और बढ़ता दिखाई दे रहा है।