टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पर हुए साइबर हमले की जांच शुरू, आईफोन 18 प्रो की फाइलें भी लीक
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में हुई बड़ी साइबर सेंध की जांच शुरू कर दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाली CERT-In इस मामले की जांच कर रही है। बताया गया है कि हैकर्स ने कंपनी से जुड़े कई गोपनीय दस्तावेज इंटरनेट पर लीक कर दिए हैं। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, ऐपल के भारत में सबसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स में से एक है।
डाटा लीक
आईफोन 18 प्रो से जुड़ी जानकारी भी हुई लीक
रिपोर्ट के अनुसार, हैकर्स ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की 630GB से भी ज्यादा डाटा और दो लाख से अधिक फाइलें सार्वजनिक कर दी हैं। इनमें सप्लायर की जानकारी, इंजीनियरिंग दस्तावेज, कंपोनेंट्स की डिटेल और आने वाले आईफोन 18 प्रो से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल बताई जा रही हैं। इन दस्तावेजों से ऐपल की सप्लाई चेन और उत्पाद तैयार करने की कई अहम जानकारियां सामने आने की आशंका जताई जा रही है।
सुरक्षा
ऐपल और टाटा ने बढ़ाई सुरक्षा
बताया गया है कि इस साइबर हमले के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपने कई संवेदनशील सिस्टम तक पहुंच सीमित कर दी है। कंपनी ने मामले की गहराई से जांच के लिए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद भी ली है। ऐपल भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिर यह डाटा लीक कैसे हुआ।
अन्य
भारत में ऐपल के लिए अहम है टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में आईफोन के पुर्जे बनाने और फोन असेंबल करने का बड़ा काम करती है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ऐपल की वैश्विक सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर उभरी है। वित्त वर्ष 2022 से 2026 के बीच कंपनी ने 26.3 अरब डॉलर (लगभग 2,500 अरब रुपये) के भारत में बने आईफोन निर्यात किए। ऐसे में इस साइबर घटना को ऐपल और भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए काफी अहम माना जा रहा है।