2026 में भारतीय स्मार्टफोन बाजार पर संकट के बादल, आ सकती है सबसे बड़ी मंदी
क्या है खबर?
भारत का स्मार्टफोन बाजार 2026 में बड़ी गिरावट का सामना कर सकता है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल शिपमेंट में 12 से 15 प्रतिशत तक कमी आने का अनुमान है। पिछले साल बाजार लगभग स्थिर रहा था और कुल शिपमेंट 15.2 करोड़ यूनिट तक पहुंचा था। अब ग्लोबल चिप की कमी, रुपये में उतार-चढ़ाव और बढ़ती लागत ने हालात कठिन बना दिए हैं। यह गिरावट हाल के वर्षों में सबसे तेज मानी जा रही है।
असर
सप्लाई की कमी और महंगाई का असर
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार इस समय सप्लाई की कमी और आर्थिक दबाव के दोहरे संकट से गुजर रहा है। चिप और दूसरे कंपोनेंट की कमी 2027 की पहली छमाही तक बनी रह सकती है। इसके साथ ही, औसत बिक्री कीमतों में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। 200 डॉलर (लगभग 18,000 रुपये) से कम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है, क्योंकि यही हिस्सा कुल बिक्री का बड़ा भाग बनाता है।
मांग
कीमतों में बढ़ोतरी और मांग में सुस्ती
कई बड़े ब्रांड पिछले कुछ महीनों से लगातार कीमतें बढ़ा रहे हैं। मेमोरी और स्टोरेज जैसे कंपोनेंट महंगे होने से कंपनियां मार्जिन बचाने के लिए दाम बढ़ा रही हैं। खुदरा बाजार में स्टॉक बनाए रखना भी महंगा और जोखिम भरा हो गया है। उपभोक्ता बढ़ती लागत और अनिश्चित आय के कारण खरीदारी टाल सकते हैं। जानकारों के अनुसार दूसरी तिमाही में बाजार में और गहरी सुस्ती देखने को मिल सकती है।
उम्मीद
रणनीति में बदलाव और आगे की उम्मीद
कई कंपनियों ने अपने बिक्री लक्ष्य में कटौती की है और अब वे वॉल्यूम के बजाय वैल्यू ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। बड़े ब्रांड अपनी मजबूत सप्लाई चेन और वित्तीय क्षमता के कारण बेहतर स्थिति में हैं, जबकि छोटे ब्रांड ज्यादा दबाव झेल सकते हैं। हालांकि, प्रीमियम और मिड-प्रीमियम फोन की मांग कुछ हद तक स्थिर बनी रह सकती है। उम्मीद है कि सप्लाई सामान्य होने के बाद बाजार में धीरे-धीरे सुधार शुरू होगा।
प्रतिस्पर्धा
ब्रांड्स की नई रणनीति और प्रतिस्पर्धा
सैमसंग, ऐपल, शाओमी, वीवो और ओप्पो जैसे प्रमुख ब्रांड अपनी रणनीति में बदलाव कर रहे हैं। कई कंपनियां अब सीमित मॉडल ही लॉन्च कर रही हैं और प्रीमियम सेगमेंट पर अपना ज्यादा ध्यान दे रही हैं। कुछ ब्रांड लागत कम करने के लिए लोकल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही, कंपनियां डिस्काउंट, एक्सचेंज ऑफर और आसान किस्त योजनाओं के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही हैं।