एक्स को भारत सरकार की दो टूक, पारदर्शिता के बावजूद मानना होगा कानून
क्या है खबर?
सरकारी आदेशों पर पारदर्शिता बढ़ाने की घोषणा के बाद भारत सरकार ने एलन मस्क के एक्स को देश के कानून की याद दिलाई है। सरकार ने साफ कहा कि सरकारी कंटेंट हटाने की मांग को यूजर्स के सामने बताने से एक्स को भारतीय नियमों से छूट नहीं मिलेगी। PTI के अनुसार, एक सरकारी अधिकारी ने कहा है कि एक्स को देश के कानून का पालन करना ही होगा। यह बयान मस्क की नई घोषणा के बाद सामने आया है।
नियम
सरकार बताएगी तो यूजर्स को दिखेगा
मस्क ने कहा है कि एक्स अब सरकारी सेंसरशिप की जानकारी ज्यादा साफ तरीके से दिखाएगा।
अगर कोई सरकार किसी पोस्ट को हटाने या किसी अकाउंट पर रोक लगाने की मांग करती है, तो यूजर्स को इसकी जानकारी मिल सकती है। एक्स यह भी बताने की योजना बना रहा है कि मांग किस सरकारी संस्था ने की और उसके पीछे कौन सा कानूनी आधार है।
इससे यूजर्स को कार्रवाई की वजह समझने में मदद मिल सकती है।
ब्लॉकिंग
भारत में बढ़े सरकारी ब्लॉकिंग आदेश
भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सरकारी निर्देश मिलने की संख्या भी बढ़ी है।
द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस साल मार्च से जुलाई के बीच इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब को करीब 1.95 लाख ब्लॉकिंग निर्देश मिले। यानी हर दिन औसतन करीब 1,275 निर्देश जारी हुए हैं।
पिछले साल अक्टूबर, 2024 से अक्टूबर, 2025 के बीच 19 ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को 2,312 ब्लॉकिंग आदेश मिले थे। तब रोजाना औसतन करीब छह आदेश जारी हुए थे।
कानून
पारदर्शिता के बाद भी कानून मानना होगा
मस्क की नई घोषणा का मकसद एक्स पर सरकारी कार्रवाई को लेकर ज्यादा जानकारी देना है। हालांकि, भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि इससे प्लेटफॉर्म की कानूनी जिम्मेदारी नहीं बदलेगी।
अगर भारतीय अधिकारी किसी कंटेंट को हटाने का वैध कानूनी आदेश देते हैं, तो एक्स को उसका पालन करना होगा। यानी प्लेटफॉर्म चाहे तो यूजर्स को सरकारी मांग की जानकारी दे सकता है, लेकिन भारतीय कानून का पालन करना उसके लिए जरूरी रहेगा।