भारत का सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम NavIC नहीं कर रहा काम, संसद में सरकार ने बताई वजह
क्या है खबर?
भारत का स्वदेशी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम NavIC फिलहाल अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा है। केंद्रीय अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद में बताया कि यह सिस्टम अभी स्टैंडअलोन पोजिशनिंग सेवा नहीं दे पा रहा है, क्योंकि इसके पास जरूरी संख्या में ऑपरेशनल सैटेलाइट नहीं हैं। वर्तमान तीन ऑपरेशनल सैटेलाइट ही काम कर रहे हैं, जबकि यह सेवा देने के लिए कम से कम चार सैटेलाइट जरूरी होते हैं।
मदद
दूसरे नेविगेशन सिस्टम से मिल रही मदद
सरकार ने कहा कि NavIC की स्टैंडअलोन सेवा प्रभावित होने के बावजूद आम यूजर्स को किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
इसकी वजह यह है कि अब ज्यादातर रिसीवर GPS, गैलीलियो, ग्लोनास और NavIC जैसे कई सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम के साथ मिलकर काम करते हैं।
भारतीय सशस्त्र बल भी अपनी जरूरतों के अनुसार मल्टी-कॉन्स्टेलेशन नेविगेशन सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं जिससे नेविगेशन सेवाएं बिना किसी बड़ी रुकावट के मिल रही हैं।
नए सैटेलाइट
ISRO तैयार कर रहा नए सैटेलाइट
सरकार ने साफ किया कि NavIC बेकार नहीं हुआ है और इसकी क्षमता बढ़ाने का काम जारी है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बताया कि NVS-03 लॉन्च के लिए पूरी तरह तैयार है, जबकि NVS-04 और NVS-05 का काम अंतिम चरण में है।
इन नए सैटेलाइट के लॉन्च होने के बाद NavIC फिर से स्टैंडअलोन नेविगेशन सेवा देने में सक्षम होगा और लोगों को पहले से बेहतर और अधिक सटीक सेवाएं मिल सकेंगी।
अन्य
भारत के लिए बेहद अहम है NavIC
NavIC भारत का स्वदेशी क्षेत्रीय सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम है, जो पूरे भारत और सीमा से करीब 1,500 किलोमीटर आगे तक सटीक लोकेशन, नेविगेशन और समय संबंधी सेवाएं देता है।
ISRO ने वर्ष 2023 में NVS-01 का सफल लॉन्च किया था, लेकिन NVS-02 मिशन में तकनीकी समस्या आने से वह तय कक्षा तक नहीं पहुंच सका।
अब आने वाले मिशनों के जरिए पूरे नेटवर्क को फिर से मजबूत बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में सेवाएं पूरी क्षमता के साथ उपलब्ध हो सकें।