एंड्रॉयड डिवाइस में ऐप इंस्टॉल होने से कैसे रोकें? जानिए इसके तरीके
क्या है खबर?
एंड्रॉयड डिवाइस पर ऐप इंस्टॉल होने को कंट्रोल करना माता-पिता और उन संगठनों के लिए बहुत जरूरी हो सकता है, जो ध्यान बनाए रखना चाहते हैं या सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं। इन-बिल्ट फीचर्स और थर्ड-पार्टी टूल्स का इस्तेमाल करके यूजर अपने डिवाइस पर क्या इंस्टॉल हो रहा है, इसे सही तरीके से मैनेज कर सकते हैं। यहां आपको अवांछित ऐप इंस्टॉलेशन को रोकने के लिए कुछ तरीके बताए हैं, जिससे आप डिवाइस के सॉफ्टवेयर को कंट्रोल में रख पाएंगे।
#1
पेरेंटल कंट्रोल का करें इस्तेमाल
एंड्रॉयड डिवाइस में पेरेंटल कंट्रोल फीचर्स आते हैं, जिनका इस्तेमाल ऐप इंस्टॉलेशन को रोकने के लिए किया जा सकता है। इन कंट्रोल को ऑन करके आप एक PIN या पासवर्ड सेट कर सकते हैं, जिससे अनजान डाउनलोड रोके जा सकेंगे। इस तरह, केवल अधिकृत लोग ही नए ऐप इंस्टॉल कर पाएंगे, जो बच्चों या कर्मचारियों के लिए डिवाइस के इस्तेमाल को नियंत्रित करने का एक कारगर तरीका है।
#2
गूगल प्ले स्टोर की सेटिंग्स का करें उपयोग
गूगल प्ले स्टोर में ऐसी सेटिंग्स होती हैं, जो कंटेंट रेटिंग और उम्र के हिसाब से ऐप डाउनलोड को सीमित कर सकती हैं। इन सेटिंग्स को सही ढंग से कॉन्फिगर करके आप अपने डिवाइस पर इंस्टॉल होने वाले ऐप्स के प्रकार को कंट्रोल कर सकते हैं। यह खासकर उन माता-पिता के लिए फायदेमंद होता है, जो यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके बच्चे केवल उम्र के हिसाब से सही कंटेंट ही देखें।
#3
थर्ड-पार्टी सिक्योरिटी ऐप्स करें इंस्टॉल
थर्ड-पार्टी सिक्योरिटी ऐप्स भी आपके स्मार्टफोन में ऐप इंस्टॉलेशन को रोकने के लिए कंट्रोल की एक अतिरिक्त परत जोड़ते हैं। इन ऐप्स में अक्सर खास ऐप को ब्लॉक करने, इस्तेमाल के तरीकों पर नजर रखने और डिवाइस की एक्टिविटी की विस्तृत रिपोर्ट देने जैसे फीचर्स मिलते हैं। कोई भी सिक्योरिटी ऐप चुनते समय देखें कि उसकी रेटिंग अच्छी हो और वह ऐप एक्सेस कंट्रोल की आपकी खास जरूरतों को पूरा करता हो।
#4
अनजान सोर्स से इंस्टॉलेशन करें डिसेबल
एंड्रॉयड आपको अनजान सोर्स से भी ऐप इंस्टॉल करने देता है, लेकिन अवांछित इंस्टॉलेशन से बचने के लिए इस ऑप्शन को बंद रखना एक अच्छा विचार है। इस सेटिंग को डिसेबल रखने से आप यह पक्का कर सकते हैं कि आपके डिवाइस पर नए ऐप इंस्टॉल करने के लिए केवल गूगल प्ले स्टोर जैसे भरोसेमंद सोर्स का ही इस्तेमाल किया जाए। यह संभावित रूप से हानिकारक सॉफ्टवेयर के खिलाफ सुरक्षा की एक और परत जोड़ता है।
#5
इंस्टॉल किए गए ऐप्स की करें नियमित जांच
अपने डिवाइस पर इंस्टॉल किए गए ऐप्स की नियमित जांच करने से आपको ऐसे किसी भी ऐप को पहचानने में आसानी होती है, जो आपकी जानकारी के बिना इंस्टॉल हो गए हों। समय-समय पर इंस्टॉल किए गए ऐप्स की सूची चेक करके आप किसी भी संदिग्ध ऐप को तुरंत पहचान सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें अनइंस्टॉल कर सकते हैं। यह तरीका आपके डिवाइस को फालतू ऐप्स से बचाए रखता है।