AI को बढ़ावा देने के लिए 20,000 करोड़ रुपये का फंड बना सकती है सरकार
क्या है खबर?
भारत सरकार देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये का नया फंड बनाने पर विचार कर रही है। द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस फंड का मकसद AI कंपनियों को पैसा देना और बड़े AI मॉडल बनाने के लिए जरूरी कंप्यूटिंग सुविधा तैयार करना है। प्रस्तावित नेशनल फ्रंटियर AI एंड कंप्यूट फंड के तहत AI कंपनियों और तकनीकी ढांचे को लंबे समय के लिए पैसा देने की योजना है।
उपयोग
AI कंपनियों और डाटा सेंटर को मदद
प्रस्तावित फंड से दो तरह के कामों को मदद मिलने की उम्मीद है।
पहला, ऐसे भारतीय स्टार्टअप और कंपनियां जो बड़े AI मॉडल बना रही हैं, उन्हें लंबे समय के लिए पैसा दिया जा सकता है। दूसरा, AI मॉडल को बनाने और चलाने के लिए जरूरी GPU क्लस्टर और डाटा सेंटर तैयार करने में मदद मिल सकती है।
इससे उन कंपनियों को फायदा हो सकता है जिन्हें ज्यादा शुरुआती निवेश की जरूरत पड़ती है।
निवेशक
सरकार और निजी निवेशक लगा सकते हैं पैसा
इस फंड में सरकार के साथ निजी निवेशकों को जोड़ने की योजना पर चर्चा हो रही है।
एक प्रस्ताव के अनुसार सरकार और निजी निवेशक बराबर यानी 50-50 हिस्सेदारी के साथ पैसा लगा सकते हैं। हालांकि, फंड का कुल आकार, निवेश का तरीका और सरकार की भूमिका अभी तय नहीं हुई है।
वित्तीय संस्थानों को भी इसमें शामिल करने पर विचार हो रहा है। बड़े AI मॉडल बनाने की लागत लगातार बढ़ रही है।
इंडिया AI
इंडिया AI मिशन से अलग होगा नया फंड
यह फंड इंडियाAI मिशन से अलग होगा, लेकिन उसे मजबूत करने का काम कर सकता है।
इंडियाAI मिशन के लिए सरकार ने 10,372 करोड़ रुपये का खर्च मंजूर किया है। इसके तहत कंपनियों को कम कीमत पर कंप्यूटिंग सुविधा देने और देश में AI क्षमता बढ़ाने पर काम हो रहा है।
नया फंड बड़े AI मॉडल बनाने वाली कंपनियों और बड़े कंप्यूटिंग ढांचे के लिए लंबे समय का पैसा उपलब्ध कराने पर ध्यान देगा।