सरकार ने साइबर हमलों से निपटने के लिए नए प्लेटफॉर्म पर कर रही काम
क्या है खबर?
केंद्र सरकार एक ऐसा साइबर खुफिया आर्किटेक्चर विकसित करने की योजना बना रही है, जो उसके विशाल डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में खतरों का पता लगाने के साथ उनका विश्लेषण कर प्रतिक्रिया देने का प्रयास करेगा। यह राज्य-प्रायोजित खतरों से निपटने में भी मदद करेगा। योजना का मुख्य हिस्सा एक पेटबाइट-स्केल लॉग एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म है, जो सरकारी डिजिटल सिस्टम्स में उत्पन्न डाटा की विशाल मात्रा को एकत्रित और संसाधित करेगा। सिस्टम इंटीग्रेटर के चयन के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किया गया है।
स्टोरेज
जबरदस्त होगी स्टोरेज क्षमता
यह प्लेटफॉर्म खतरों की पहचान, प्रदर्शन की निगरानी, साइबर हमलों का पता लगाने और उन्हें कम करेगा। इसका मुख्य हिस्सा पेटबाइट-स्केल लॉग एनालिटिक्स है। एक पेटाबाइट (PB) 1,024 टेराबाइट (TB) के बराबर होता है, जिसमें 2 लाख HD फिल्में या 25 करोड़ गाने सेव किए जा सकते हैं। इसमें सुरक्षा सूचना और घटना प्रबंधन (SIEM), सुरक्षा ऑर्केस्ट्रेशन ऑटोमेशन और प्रतिक्रिया (SOAR), यूजर और इकाई व्यवहार विश्लेषण (UEBA), नेटवर्क पहचान और प्रतिक्रिया (NDR) को एक फ्रेमवर्क में एकीकृत करता है।
फायदा
साइबर हमलों का पता लगाने में आएगी तेजी
सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि इन उपायों का उद्देश्य साइबर खतरों के परिदृश्य का व्यापक अवलोकन प्रदान करना है, जिससे हमलों का शीघ्र पता लगाना और उन्हें तेजी से रोकना संभव हो सके। यह कदम सरकार के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विशाल आकार और संवेदनशीलता को दर्शाता है। पता लगाने के अलावा इस प्लेटफॉर्म से ऑटोमैटिक प्रतिक्रियाओं और खतरे की खुफिया जानकारी से जुड़े डाटा के साथ बेहतर तालमेल की उम्मीद है।