सरकार ने ऐपल के डिवाइसेज को लेकर जारी की गंभीर चेतावनी, कैसे करें समस्याओं का समाधान?
क्या है खबर?
भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) ने ऐपल डिवाइसेज के यूजर्स के लिए एक 'गंभीर' चेतावनी जारी की है। इसमें आईफोन, आईपैड और मैक सिस्टम को प्रभावित करने वाली कई सुरक्षा खामियों के बारे में बताया गया है। साथ ही उन सुरक्षा खामियों पर प्रकाश डाला गया है, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स लक्षित डिवाइस तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं और दुर्भावनापूर्ण कोड चला सकते हैं। यह चेतावनी सुरक्षा खामी नोट CIVN-2026-0150 के अंतर्गत सूचीबद्ध है।
वर्जन
कौन-कौनसे वर्जन हैं शामिल?
CERT-In के अनुसार, ये खामियां ऐपल ऑपरेटिंग सिस्टम के कई वर्जन को प्रभावित करती हैं। प्रभावित सिस्टमों में मैकओएस के 13.5, 14.2 और 14.3 से पहले के वर्जन शामिल हैं। iOS और आईपैडओएस के 15.8.7, 16.7.5, 16.7.15 और 17.3 से पहले के वर्जन भी इस चेतावनी में शामिल हैं। यह समस्या इन ऑपरेटिंग सिस्टम्स के साथ आने वाले सफारी वर्जन तक भी फैली हुई है। जिन डिवाइसेज को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर रिलीज में अपडेट नहीं किया गया है।
समस्या
खामियों के कारण क्या आ सकती हैं समस्याएं?
एजेंसी का कहना है कि इन खामियों के जरिए हमलावर लक्षित डिवाइस पर मनमाना कोड निष्पादित कर सकते हैं। ये खामियां कर्नेल कंपोनेंट्स में 'यूज-आफ्टर-फ्री' और वेबकिट में टाइप कन्फ्यूजन जैसी समस्याओं से जुड़ी हैं। इन खामियों का फायदा उठाकर हमलावर सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त कर सकते हैं, संवेदनशील जानकारी हासिल कर सकते हैं और डाटा में हेरफेर कर सकते हैं। सेवा व्यवधान और मेमोरी करप्शन से डिवाइस के सामान्य कामकाज पर असर पड़ सकता है।
समाधान
खामियों का कैसे करें समाधान?
यूजर्स को इन सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए ऐपल द्वारा जारी किए गए लेटेस्ट सुरक्षा अपडेट इंस्टॉल करने की सलाह दी गई है। खामियों को ठीक करने और दुरुपयोग के जोखिम को कम करने के लिए अपडेट लागू करना आवश्यक है। यूजर्स डिवाइस सेटिंग्स के माध्यम से अपडेट की जांच कर सकते हैं और iOS, आईपैडओएस और मैकओएस के नवीनतम वर्जन इंस्टॉल कर सकते हैं। सफारी और अन्य सिस्टम कंपोनेंट्स को अपडेट करने की भी सलाह दी है।